कोंडागांव , अप्रैल 20 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में उच्च शिक्षा को व्यवहारिक और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक आज महत्वपूर्ण पहल करते हुए शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस समझौते के तहत अब महाविद्यालय के विद्यार्थियों को सीधे सरकारी प्रयोगशाला में कार्य करने, आधुनिक उपकरणों पर प्रशिक्षण प्राप्त करने तथा शोध गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। एमओयू पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम और जिला जल परीक्षण प्रयोगशाला के कार्यपालन अभियंता वीरेंद्र पांडेय ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के प्रभारी डॉ. देवाशीष हालदार तथा जिला समन्वयक मिथिलेश कुमार साहू गवाह के रूप में उपस्थित रहे।
महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस पहल से विद्यार्थियों को जल गुणवत्ता परीक्षण की व्यावहारिक ट्रेनिंग, उन्नत प्रयोगशाला उपकरणों के उपयोग का अनुभव तथा प्रोजेक्ट और शोध कार्यों के लिए नि:शुल्क सैंपल परीक्षण की सुविधा मिलेगी। साथ ही स्नातक, स्नातकोत्तर और शोधार्थियों को डिसर्टेशन एवं थीसिस कार्य में तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
रसायनशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. नसीर अहमद ने बताया कि इस तरह के एमओयू विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्य-परिस्थितियों में सीखने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे विद्यार्थियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, डेटा प्रबंधन और प्रोफेशनल रिपोर्ट लेखन जैसे कौशल विकसित होंगे, जो उनके भविष्य के करियर में सहायक सिद्ध होंगे।
महाविद्यालय प्रशासन ने इस समझौते को शिक्षा और तकनीकी संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करने वाला कदम बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित