कोंडागांव , अक्टूबर 24 -- छत्तीसगढ़ राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो ने कोंडागांव जिले की बैंक ऑफ इंडिया की बड़े डोंगर शाखा में 36 लाख 79 हजार 323 रुपए की वित्तीय अनियमितता के मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक भावेश विश्वकर्मा के खिलाफ विशेष न्यायालय, कोंडागांव में चालान पेश किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष न्यायालय में करीब 1500 पन्नों का चालान प्रस्तुत किया गया है।
जांच एजेंसी से शनिवार को मिली जानकारी के अनुसार, भावेश विश्वकर्मा बीते 25 जून 2019 से 18 जनवरी 2022 तक बैंक ऑफ इंडिया की बड़े डोंगर शाखा में शाखा प्रबंधक के पद पर पदस्थ थे। इस अवधि में उन पर अन्य बैंक अधिकारियों की जानकारी और सहमति के बिना उनकी उपयोगकर्ता पहचान और पासवर्ड का इस्तेमाल कर सक्रिय बैंकिंग प्रणाली का दुरुपयोग करने का आरोप है।
विवेचना में सामने आया कि बैंक के कार्यालयीन खातों, फसल बीमा खातों, ग्राहकों के बचत एवं ऋण खातों और स्व-सहायता समूहों के खातों से कथित तौर पर अनधिकृत रूप से राशि निकाली गई। जांच के मुताबिक, कुल 36,79,323 रुपए बैंक ऑफ बड़ौदा की कोंडागांव शाखा में आरोपी के व्यक्तिगत खाते सहित अन्य खातों में स्थानांतरित किए गए।
भावेश विश्वकर्मा के खिलाफ 4 अप्रैल 2022 को अपराध क्रमांक 04/2022 के तहत मामला दर्ज किया गया था। प्रकरण में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(क) और 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 409 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
विवेचना के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन के लिए पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद जांच एजेंसी ने न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया है। अब मामले में न्यायालयीन प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई होगी।
बैंक ऑफ इंडिया ने अपने कार्यकाल के दौरान हुई वित्तीय अनियमितताओं के संबंध में विभागीय कार्रवाई के बाद 27 सितंबर 2022 को भावेश विश्वकर्मा को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। अब ईओडब्लू और एसीबी की ओर से चालान पेश किए जाने के बाद मामले में अभियोजन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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