कोंडागांव , सितंबर 19 -- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बड़े राजपुर क्षेत्र से मजदूरी के लिए बाहर गए एक आदिवासी युवक और उसे वापस लाने पहुंचे उसके पिता तथा रिश्तेदार को कथित रूप से बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। इनमें से दो लोगों के वापस लौटने की सूचना है, जबकि एक व्यक्ति का अब तक पता नहीं चल पाया है।

मामला बड़े राजपुर तहसील के बांसकोट चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत केरागांव का है। प्राप्त जानकारी के अनुसार गांव निवासी निर्मल कुमार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण करीब एक माह पहले अपने एक साथी के साथ बोरवेल कंपनी में मजदूरी करने हैदराबाद गया था। आरोप है कि जब निर्मल ने घर वापस लौटने की इच्छा जताई तो ठेकेदार से जुड़े लोगों ने उसे जाने से रोक दिया और कथित रूप से बंधक बना लिया।

परिजनों के अनुसार निर्मल ने किसी तरह वहां से निकलकर एक पहाड़ी क्षेत्र में पहुंचकर घर फोन किया और अपने पिता चमार सिंह को घटना की जानकारी दी। बेटे की सूचना मिलने के बाद चमार सिंह पैसे की व्यवस्था कर अपने भतीजे के साथ उसे लेने के लिए रवाना हुए।

आरोप है कि वहां पहुंचने पर कुछ लोगों ने चमार सिंह को उनके बेटे तक पहुंचाने की बात कहकर एक ऑटो में बैठाया और कर्नाटक की ओर ले गए। परिजनों का दावा है कि उन्हें वहां दूसरे लोगों के हवाले कर दिया गया। चमार सिंह ने इसकी जानकारी फोन पर अपने रिश्तेदारों को दी।

बताया गया है कि चमार सिंह रात में किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे और जंगल-झाड़ियों से गुजरते हुए एक मिर्च के खेत में रात बिताई। स्थानीय व्यक्ति की मदद से उन्होंने अपना लोकेशन परिजनों को भेजा। इसके बाद बोलेरो वाहन से उन्हें लेने पहुंचे परिचितों तक वह पहुंच गए।

इस दौरान उनके साथ गया भतीजा लापता हो गया। परिजनों ने उससे संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उसका मोबाइल फोन बंद मिला। इसके बाद चमार सिंह और अन्य लोग वाहन से कोंडागांव के लिए रवाना हो गए। लापता युवक के संबंध में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।

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