कोंडागांव, अगस्त 02 -- ) छत्तीसगढ़ में कोंडागांव जिले के चिपावंड संकुल अंतर्गत संचालित सात सरस्वती शिशु मंदिरों के आचार्यों का संकुल आवर्ती वर्ग प्रशिक्षण कार्यक्रम बड़े कनेरा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में रविवार को आयोजित किया गया। प्रशिक्षण वर्ग में कुल 43 आचार्यों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में विद्यालय के अध्यक्ष गणेश मानिकपुरी, सदस्य आनंद पवार, संयोजक एवं सरपंच प्रकाश चुरगिया सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य प्रधानाचार्य कार्ययोजना बैठक से प्राप्त मार्गदर्शन एवं विचारों को अन्य आचार्यों तक पहुंचाना तथा शैक्षणिक गतिविधियों को और प्रभावी बनाना था।

प्रशिक्षण के दौरान वंदना एवं गीतों का अभ्यास कराया गया। साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, नवीन पाठ्यपुस्तकों के अध्ययन-अध्यापन और विद्यार्थियों के लिए शिक्षण सामग्री को सरल एवं रोचक तरीके से प्रस्तुत करने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान आचार्यों ने अपने अनुभव और विचार साझा कर शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने को लेकर मंथन किया।

समापन सत्र में जिला समन्वयक बीरेंद्र साहू ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर न तो निजी संस्था है और न ही सरकारी संस्था, बल्कि यह समाज द्वारा संचालित सांस्कृतिक एवं शैक्षिक केंद्र है। उन्होंने कहा कि विद्यालय व्यापार का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के संस्कार और शिक्षा का केंद्र है।

कार्यक्रम में मीडिया प्रभारी एवं मालगांव प्रधान आचार्य ताम्बेश कोर्राम, प्रधानाचार्य शंकर पांडे, महेंद्र पाण्डेय, दुबेश्वर पटेल और मंजू मरकाम सहित अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति गीत "वंदे मातरम्" के सामूहिक गायन के साथ किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित