छिंदवाड़ा , सितंबर 03 -- मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित एक्सीलेंस पीजी कॉलेज में विद्यार्थियों की 17 सूत्रीय मांगों को लेकर मंगलवार को आयोजित प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से विवाद हो गया। इस दौरान बेरीकेडिंग गिरने और कथित तौर पर डंडे फेंके जाने के बाद पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की हुई, जिसमें दो महिला पुलिसकर्मी घायल हो गईं। मामले में कुंडीपुरा पुलिस ने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष समेत सात लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
एनएसयूआई की ओर से विद्यार्थियों की समस्याओं और कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं से संबंधित 17 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। प्रदर्शनकारी कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंचे, जहां स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने बेरीकेडिंग कर उन्हें आगे बढ़ने से रोका।
प्रदर्शन के दौरान बेरीकेड के एक ओर एनएसयूआई के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा दूसरी ओर एबीवीपी के पदाधिकारी और विद्यार्थी मौजूद थे। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी के दौरान तनाव बढ़ गया। इसी बीच बेरीकेडिंग गिर गई और कथित तौर पर डंडे फेंके गए। पुलिस ने दोनों पक्षों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। आरोप है कि इसी दौरान पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की हुई, जिसमें महिला आरक्षक तिलकवती इड़पाचे और महिला प्रधान आरक्षक लता श्रीवास घायल हो गईं।
पुलिस के अनुसार दोनों महिला पुलिसकर्मियों की शिकायत पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अपेक्षा सूर्यवंशी, अविनाश काकोड़िया, सतेंद्र अहिरवार, बबला पटेल, यंश मेंडके, गौरव परते और अनिकेत मालवी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 189(2), 121(1) और 132 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार इन धाराओं में गैर-जमानती प्रावधान भी हैं। कुंडीपुरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रदर्शन के दौरान मौजूद लोगों, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित