रामनगर,06फरवरी(वार्ता)उत्तराखंड में कॉर्बेट लैंडस्केप से लगे क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट व्यवसायी नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। अब इन प्रतिष्ठानों में कॉर्बेट पार्क में पाए जाने वाले वन्यजीवों की फाइबर से बनी आकर्षक प्रतिमाएं लगाई जा रही हैं, जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बन रही हैं।

बताया जा रहा है कि कई होटल और रिसॉर्ट संचालक अपने परिसर को वन्यजीव थीम पर सजा रहे हैं। यहां टाइगर, हाथी, हिरण, भालू, गुलदार, मोर और पैंगोलिन जैसे वन्यजीवों की फाइबर से बनी प्रतिमाएं लगाई गई हैं। इन प्रतिमाओं को इस तरह से तैयार किया गया है कि ये बिल्कुल असली वन्यजीवों जैसी दिखाई देती हैं। पर्यटक जब इन प्रतिष्ठानों में पहुंचते हैं तो इन प्रतिमाओं को देखकर काफी उत्साहित नजर आते हैं।

खासकर बच्चों में इन वन्यजीव प्रतिमाओं को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्यटक और उनके बच्चे इन प्रतिमाओं के साथ फोटो और वीडियो बनाकर अपनी यात्रा को यादगार बना रहे हैं। होटल और रिसॉर्ट संचालकों का कहना है कि इस तरह की सजावट से पर्यटकों को कॉर्बेट के वन्यजीवों का अनुभव और भी करीब से महसूस करने का अवसर मिल रहा है।

व्यवसायि नरेश चौधरी एवं विनय चौधरी का मानना है कि वन्यजीव थीम आधारित सजावट से न केवल पर्यटक आकर्षित हो रहे हैं, बल्कि इससे क्षेत्र की पर्यटन पहचान को भी मजबूती मिल रही है। इसके साथ ही पर्यटकों को कॉर्बेट के वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूक करने का संदेश भी दिया जा रहा है।

स्थानीय पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कॉर्बेट क्षेत्र में हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में इस तरह के नवाचार पर्यटन को और अधिक बढ़ावा देने में मददगार साबित हो सकते हैं।

कॉर्बेट लैंडस्केप से जुड़े होटल, रिसॉर्ट और रेस्टोरेंट में वन्यजीवों की यह अनोखी सजावट पर्यटकों के बीच खास आकर्षण का केंद्र बनती जा रही है और क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को नई पहचान देने में अहम भूमिका निभा रही है।

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