रामनगरमर्चुला , जनवरी 31 -- उत्तराखंड में रामनगर के कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व के अंतर्गत आने वाली मॉडल रेंज के मरचूला क्षेत्र में बहने वाली रामगंगा नदी इन दिनों पर्यटकों के लिए रोमांच और कौतूहल का केंद्र बनी हुई है, यहां नदी के किनारे और उथले हिस्सों में धूप का आनंद लेते हुए मगरमच्छ पर्यटकों को आसानी से दिखाई दे रहे हैं।
शांत जलधारा के बीच मगरमच्छों का धूप सेंकना एक ऐसा नज़ारा है, जिसे कैमरे में कैद करने के लिए पर्यटक उत्साहित नज़र आ रहे हैं,रामगंगा नदी कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व की जीवनरेखा मानी जाती है, यह नदी न केवल वन्यजीवों की प्यास बुझाती है, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाती है, नदी के किनारे मौजूद क्रोकोडाइल पॉइंट पर्यटकों के बीच खासा लोकप्रिय है, जहां देश-विदेश से आने वाले सैलानी मगरमच्छों और घड़ियालों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने पहुंचते हैं,ढिकाला ज़ोन के साथ-साथ मरचूला क्षेत्र भी अब वन्यजीव प्रेमियों के लिए पसंदीदा स्थल बनता जा रहा है।
वन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व से सटकर बहने वाली रामगंगा नदी में वर्तमान में करीब 197 मगरमच्छ, 183 घड़ियाल और 161 ऊदबिलाव मौजूद हैं,यह संख्या नदी की स्वच्छता और पारिस्थितिक संतुलन को दर्शाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सर्द मौसम के बाद जब धूप तेज़ होती है, तो मगरमच्छ अक्सर नदी के किनारे निकलकर शरीर का तापमान नियंत्रित करते हैं, इसी कारण वे पर्यटकों को आसानी से दिखाई देते हैं।
पर्यटकों का कहना है कि टाइगर सफारी के साथ-साथ नदी में मगरमच्छों और घड़ियालों का दीदार उनकी यात्रा को और भी यादगार बना देता है। वहीं वन विभाग ने पर्यटकों से अपील की है कि वे वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें और नियमों का पालन करते हुए प्रकृति का आनंद लें, ताकि यह अनमोल जैव विविधता आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सके।
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