पटना , जून 25 -- ेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि मुख्यमंत्री के सात निश्चय-3 के अंतर्गत राज्य में डेयरी क्षेत्र के विस्तार और पशुपालकों को संगठित दुग्ध व्यवसाय से जोड़ने की दिशा में कॉम्फेड (बिहार स्टेट मिल्क को-ऑपरेटिव फेडरेशन लिमिटेड) ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। सचिव श्री अशोक ने बताया कि प्रथम तिमाही के लिए निर्धारित 2,000 नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य समय सीमा से पूर्व ही शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विभाग, कॉम्फेड प्रबंधन तथा जिला स्तर के अधिकारियों और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। नई समितियों के गठन से राज्य के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के हजारों पशुपालक संगठित दुग्ध सहकारिता व्यवस्था से जुड़े हैं, जिससे उन्हें दूध के उचित मूल्य, नियमित भुगतान तथा तकनीकी सहायता का लाभ प्राप्त होगा।
श्री अशोक ने बताया कि दुग्ध सहकारी समितियों का विस्तार केवल दुग्ध संग्रहण बढ़ाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, किसानों की आय में वृद्धि करने तथा महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने का प्रभावी साधन भी है। बड़ी संख्या में महिला दुग्ध उत्पादकों की सहभागिता से ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार की प्राथमिकता राज्य के प्रत्येक गांव तक सहकारी डेयरी नेटवर्क का विस्तार करना है। इसी उद्देश्य से प्रथम तिमाही की सफलता के बाद आगामी तिमाही में 3,000 नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। विभाग एवं कॉम्फेड इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं।
सचिव ने कहा कि 2,000 नई दुग्ध समितियों का गठन केवल एक सांख्यिकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि ग्रामीण बिहार में आर्थिक समृद्धि, रोजगार सृजन और श्वेत क्रांति-2 को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह उपलब्धि आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण के संकल्प को और अधिक सशक्त बनाएगी।
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