मुरैना , सितंबर 04 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कैलारस शुगर फैक्ट्री को पुनः प्रारंभ कराया जाएगा। इससे क्षेत्र के किसानों को अपनी उपज का बेहतर लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि मुरैना में दुग्ध समितियों के माध्यम से दुग्ध संग्रहण को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।

श्री यादव ने कहा कि मुरैना सहित जिले की प्रत्येक नगर पंचायत में गीता भवन का निर्माण कराया जाएगा, जहां नागरिकों को अध्ययन का अवसर मिलेगा। जिले के एक विकासखंड में वृंदावन भवन भी बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को कृषि उपज मंडी परिसर मुरैना में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को सीहोर से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव और कृषि प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों के प्रति प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा कि मुरैना जिला गेहूं, धान, तिलहन और दलहन उत्पादन में अग्रणी रहा है। किसानों को गेहूं की खेती को बढ़ावा देना चाहिए। खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उद्यानिकी के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को देश में प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। भविष्य में 30 लाख लोगों को सोलर पंप उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे किसानों को सिंचाई के साथ विद्युत व्यय में भी लाभ मिलेगा।

डॉ. यादव ने किसानों से दूध डेयरी को आय का अतिरिक्त साधन बनाने और गाय पालन को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इसके तहत किसानों के हित में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। खरीफ एवं रबी फसलों के लिए ऋण चुकाने की छह-छह माह की अवधि को बढ़ाकर एक वर्ष कर दिया गया है। अब किसान ऋण लेने की तारीख से एक वर्ष के भीतर ऋण चुका सकेंगे, जिससे उन्हें बार-बार बैंक जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार कार्य कर रही है। किसानों को उन्नत बाजरा एवं सरसों के बीज उपलब्ध कराए गए हैं तथा प्रदेश में ढाई करोड़ किसानों को सब्सिडी पर बीज उपलब्ध कराया गया है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उन्नत कृषि तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और बेहतर कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाई जाए।

किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि मध्यप्रदेश देश के अग्रणी कृषि उत्पादक राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है। गेहूं, सोयाबीन, चना, दलहन-तिलहन तथा उद्यानिकी के क्षेत्र में प्रदेश के किसान निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि किसानों की मेहनत, कृषि वैज्ञानिकों के ज्ञान और सरकार की किसान हितैषी नीतियों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अधिक उत्पादन, अधिक उत्पादकता, बेहतर गुणवत्ता, कम लागत, बेहतर मूल्य और किसानों की अधिक आय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपार्जन, कृषि यंत्रीकरण, प्राकृतिक खेती तथा दलहन-तिलहन मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को लाभ मिल रहा है। कृषि को डिजिटल तकनीक से जोड़ा जा रहा है। ई-विकास प्रणाली के माध्यम से उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाई गई है और एक अप्रैल 2026 से प्रदेश के सभी जिलों में इसी प्रणाली से उर्वरक वितरण किया जा रहा है।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री कंषाना ने प्रगतिशील किसानों राममोहन मीणा, गिर्राज आदिवासी, उदय राठौर, अरविंद सिंह गुर्जर, बालबिहारी शर्मा, राकेश शर्मा, संजय शर्मा, रामबाबू सिंह, कौशलकिशोर एवं बृजेन्द्र को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मेधावी विद्यार्थियों हर्ष कुशवाह, रिचा तोमर, शिवेन्द्र यादव, अमन शर्मा, रागिनी देवी, हर्षित वशिष्ठ, कृतिका सिकरवार, धर्मेन्द्र धाकड़, रियान खान एवं सोनम को भी सम्मानित किया गया। समाजसेवी कमलेश कुशवाह ने भी विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महापौर शारदा सोलंकी, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीणा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी कमलेश कुमार भार्गव, अपर कलेक्टर अश्विनी कुमार रावत, संयुक्त संचालक कृषि, उप संचालक कृषि मुरैना सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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