चंडीगढ़ , सितंबर 12 -- केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ शहर में कैब सेवाओं पर कार्रवाई के बाद लोगों को आवाजाही में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ दिन पहले ओला और इनड्राइव के लाइसेंस रद्द किए गए थे, जबकि दो दिन पहले उबर और हैप्पीडो का लाइसेंस भी रद्द कर दिया गया। इन कंपनियों की सेवाएं प्रभावित होने से खासकर रोजाना कैब से सफर करने वाले लोगों और युवाओं को दिक्कत हो रही है।

चंडीगढ़ में सरकार की ओर से भारत ऐप के माध्यम से कैब सेवा उपलब्ध कराई जा रही है लेकिन लोगों में इसके प्रति जागरूकता अभी कम है। बड़ी संख्या में लोग अब भी पुरानी कैब ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं। वहीं, स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की ओर से इन ऐप के जरिए वाहन चलाने वाले ड्राइवरों के चालान किए जा रहे हैं और जुर्माना लगाया जा रहा है।

एसटीए का कहना है कि जिन कंपनियों की सेवाएं छह महीने के लिए निलंबित की गई हैं, उनके माध्यम से कैब का संचालन नहीं किया जाना चाहिए। कार्रवाई के बावजूद कई ड्राइवर पुरानी ऐप से जुड़े हुए हैं।

ड्राइवरों में भी इस कार्रवाई को लेकर रोष है। उनका कहना है कि कंपनियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं तो ड्राइवरों पर चालान क्यों किए जा रहे हैं। उनका तर्क है कि कैब संचालन बंद होने से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।

वहीं, प्रशासन की ओर से लोगों से भारत ऐप का इस्तेमाल करने की अपील की जा रही है, ताकि शहर में कैब सेवा की सुविधा जारी रह सके।

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