नयी दिल्ली , मई 20 -- अवसंरचना परियोजनाओं में निवेश करने वाले देश के प्रमुख सूचीबद्ध इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट - कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त चौथी तिमाही के वित्तीय परिणामों की बुधवार को घोषणा की जिसमें 2025-26 के अंत में उसकी प्रबंधनाधीन सम्पत्ति सालाना आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6611.4 करोड़ रुपये के स्तर पर दिखायी गयी है।
ट्रस्ट के एकीकृत वित्तीय परिणाम के अनुसार चौथी तिमाही के दौरान उसकी कुल आय तिमाही दर तिमाही आधार पर 90 प्रतिशत के उछाल के साथ 344.97 करोड़ रुपये रही । तीसरी तिमाही में यह 181.86 करोड़ रुपये थी। इसी तरह पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की कुल आय 920.18 करोड़ रुपये रही आय में यह उछाल दिसंबर 2025 के बाद के अधिग्रहणों का परिणाम बताया गया है। चौथी तिमाही में कंपनी का परिचालन लाभ 281.8 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 195 करोड़ रुपये रहा। पूरे वित्त वर्ष के लिए परिचालन लाभ 401.69 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ 210.51 करोड़ रुपये रहा।
कैपिटल इंफ़्रा ट्रस्ट के सीईओहरे कृष्णा ने वित्त वर्ष 2025-26 में वित्तीय परिणामों को एक मज़बूत प्रदर्शन बताते हुए कहा, 'हमारी रणनीति भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण के समर्थन वाली सम्पत्तियों और हाइब्रिड एन्युइटी वाली सम्पत्तियों पर केंद्रित है जो पोर्टफोलियो को मजबूती प्रदान करती है। आगे हमें अपने प्रायोजकों के सहयोग वाली राइट ऑफ फर्स्ट ऑफ ( पहले खरीदने के प्रस्ताव पर आधारित) परिसंपत्तियों के ज़रिए कारोबार कीअच्छी संभावना दिख रही है।
पहले नेशनल इन्फ्रास्ट्रक्चर ट्रस्ट के नाम से जाने जाने वाले कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पिछला वित्त वर्ष उसके लिए कार्यान्वयन का वर्ष रहा जिसमें उसने अपनी सम्पत्ति का आधार बढ़ाया और लेखा-जोखा मजबूत किया । विज्ञप्ति के अनुसार वर्ष के दौरान कंपनी की प्रबंधनाधीन परिसम्पत्ति (एयूएम) एक साल पहले के 4668.3 करोड़ रुपये से 42 प्रतिशत बढ़कर 6611.4 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गयी।
ट्रस्ट के पोर्टफोलियो में 12 हाईब्रिड एन्युइटी वाली सम्पत्तियां (एचएएम एसेट्स) हैं जो परिचालन में हैं और उनकी औसत बची हुई मियाद 13.2 साल है। वित्त वर्ष 2025-26 में कैपिटल इंफ्रा ट्रस्ट ने 1385.8 करोड़ रुपये और वर्ष की चौथी तिमाही में 407.1 करोड़ रुपये की एन्युइटी मिलीं। वर्ष के दौरान इसकी एनएवी बढ़कर प्रति यूनिट 74.7 रुपये हो गयी। कंपनी ने इसे सम्पत्ति के निवेश में अनुशासन का परिणाम बताया है।
मार्च 2026 के अंत में इसके शुद्ध ऋण उसके एएमयू के 40.9 प्रतिशत के बराबर थी जो उसके अनुसार भविष्य के निवेश की दृष्टि से आरामदायक है। चौथी तिमाही में इसने 1750 करोड़ रुपये का मियादी कर्ज जुटाया जो उसके अनुसार काफी प्रतिस्पर्धी दर पर जुटाया गया। कंपनी ज़्यादा लागत वाले कर्ज़ को उतारने का विचार कर रही है ।
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