तिरुवनंतपुरम , मई 25 -- कैथोलिक चर्च समर्थक मलयालम दैनिक 'दीपिका' में प्रकाशित एक संपादकीय ने मुनंबम वक्फ भूमि विवाद को लेकर केरल सरकार और मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन पर तीखा हमला बोला है।
संपादकीय में सरकार पर आरोप लगाया गया है कि वह प्रभावित निवासियों से किये गये वादों को पूरा करने में विफल रही है। वक्फ के हितों के लिए न्याय को विकृत न करें शीर्षक वाले इस कड़े संपादकीय में, वक्फ बोर्ड के उस फैसले की आलोचना की गई है जिसके तहत मुनंबम में विवादित 404 एकड़ ज़मीन को केंद्र सरकार के 'उम्मीद' (उम्मीद ) पोर्टल पर पंजीकृत किया गया है। संपादकीय में इस कदम को न केवल 610 प्रभावित परिवारों के लिए, बल्कि "धर्मनिरपेक्ष केरल" के लिए ही एक चुनौती बताया गया है।
इस लेख को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि 'दीपिका' अखबार केरल के ईसाई समुदाय के एक बड़े वर्ग और कैथोलिक चर्च से काफी करीब से जुड़ा हुआ है। इस अखबार ने सीधे तौर पर श्री सतीशन को उनके उस पुराने सार्वजनिक वादे की याद दिलाई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि यूडीएफ सत्ता में आती है, तो मुनंबम मुद्दे को "दस मिनट के भीतर" हल कर दिया जाएगा।
संपादकीय में यह तर्क दिया गया है कि वक्फ अधिनियम के कुछ विवादास्पद प्रावधानों के चलते, बोर्ड केवल अपने दावे के आधार पर ही संपत्तियों पर मालिकाना हक जता सकता है; जबकि प्रभावित निवासियों के पास सामान्य नागरिक कानूनी उपचार उपलब्ध नहीं होते।
इसमें यह आरोप भी लगाया गया है कि ऐसे प्रावधानों ने लोगों में भय, कानूनी अनिश्चितता और सांप्रदायिक तनाव पैदा किया है। इसके साथ ही इसमें पिछली सरकारों पर भी आरोप लगाया गया है कि वे लंबे समय से चल रहे मुकदमों में फंसे आम लोगों की रक्षा करने में विफल रही हैं।
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