नयी दिल्ली , मई 1 -- राजधानी में शनिवार से शुरू हो रहे दो दिवसीय अंतराष्ट्रीय फोर्टिस कैंसर शिखर सम्मेलन-2026 में शामिल होने आये देश विदेश के कैंसर चिकित्सा के प्रमुख विशेषज्ञों ने जन सामान्य में कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें कैंसर की जांच शीघ्र कराने के महत्व को समझाये जाने पर बल दिया है।
सम्मेलन की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि" कैंसर का जल्दी पता लगना बहुत महत्व रखता है , इसके लिए लोगों में यह जागृति होनी चाहिए कि वे अपनों से पूछ सकें- कहीं मुझे कैंसर तो नहीं हो रहा है।" इस सम्मेलन का मुख्य विषय " साक्ष्य -आधारित ओंकोलॉजी से आगे' रखा गया है। आयोजकों ने कहा कि इसमें उभरते साक्ष्यों को वास्तविकता के धरातल पर ला कर क्लीनिकल पद्धति में बदलने पर ध्यान दिया जाएगा।
फोर्टिस गुरुग्राम के प्रिंसिपल डायरेक्टर, मेडिकल ओंकोलॉजी, डॉ नीतेश रोहतगी ने कहा कि कैंसर चिकित्सा की लागत कम हो, इसके लिए सरकारें, चिकित्सा सेवा उद्योग एवं बीमा क्षेत्र गहराई से विचार विमर्श कर रहे हैं। पर इसमें जागरूकता का विशेष महत्व है- जांच से शुरू में ही कैंसर का पता लग जाए तो , इलाज आसान और कम खर्चीला हो सकता है।'सम्मेलन में ओंकोलॉजी (कैंसर के अध्ययन, निदान , उपचार और रोकथाम ) के क्षेत्र से जुड़े देश विदेश के एक हजार से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में शोध पत्र भी रखे जाएंगे जो कैंसर चिकित्सा और अनुसंधान के नये उभरते आयामों से जुड़े हैं।
डाॅ. रोहतगी ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ओंकोलॉजी के क्षेत्र में परस्पर सहयोग के महत्व को रेखांकित करते हुए इस सम्मेलन का आयोजन किया गया है। इसमें कैंसर के रोगियों के मनोविज्ञान, खान-पान और ऐसे नये उभरते पहलुओं पर विभिन्न सत्रों में देश-विदेश से जुटे कैंसर शोध और चिकित्सा से जुड़े दिग्गज हिस्सा ले रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सम्मेलन में कैंसर केयर के भविष्य पर चर्चा के लिए सम्मेलन में देश भर के 50 से भी अधिक प्रतिष्ठित कैंसर सेंटर, 500 से अधिक विशेषज्ञ और वरिष्ठ चिकित्सक तथा 25 देशों के प्रतिनिधित्व कर रहे 100 से अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञों सहित लगभग 1200 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इनमें ओंकोलॉजी का अध्ययन कर रहे 150 से अधिक छात्र-छात्राएं भी हैं।
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