जयपुर , अक्टूबर 18 -- राजस्थान के विधि एवं संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल एवं गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सूखे के हालात को लेकर दिए बयान को बेबुनियाद करार देते हुए पलटवार किया है कि सरकार की तैयारियों की जानकारी लिए बिना आरोप लगाना और केवल बयानबाजी करना राजनीतिक स्टंट है।

श्री पटेल ने रविवार को अपने बयान में श्री गहलोत द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पशुधन संरक्षण, चारे की उपलब्धता और जल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर ठोस कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में राहत कार्यों के नाम पर सिर्फ भ्रष्टाचार और घपले हुए, जिसका खामियाजा आम जनता और किसानों को भुगतना पड़ा। आज जब वर्तमान सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ हर चुनौती का डटकर मुकाबला कर रही है, तो कांग्रेस नेताओं से यह प्रगति पच नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जिला कलेक्टरों को स्थानीय परिस्थितियों का आकलन कर समयबद्ध प्रस्ताव तैयार करने और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार ने चारे की उपलब्धता और वितरण की निगरानी के लिए अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की है। तहसीलदारों एवं विकास अधिकारियों को कम से कम 25 प्रतिशत, उपखंड अधिकारियों को 10 प्रतिशत और अतिरिक्त जिला कलेक्टर स्तर के अधिकारियों को छह प्रतिशत चारा डिपो का प्रतिमाह निरीक्षण करना होगा।

श्री बेढ़म ने अपने बयान में कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री गहलोत आज भले ही भाषणों में बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हों। उनके कार्यकाल में योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहती थीं और धरातल पर आमजन पानी एवं चारे के लिए त्रस्त रहते थे। श्री शर्मा के नेतृत्व वाली हमारी डबल इंजन सरकार किसानों, पशुपालकों और प्रदेश के हर नागरिक के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासनकाल के दौरान भ्रष्टाचार, कुप्रबंधन और प्रशासनिक उदासीनता की भेंट चढ़ी व्यवस्थाओं के जख्म प्रदेश की जनता आज तक नहीं भूली है वहीं हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को पूर्ण हो चुकी जल जीवन मिशन योजनाओं के कुशल संचालन और रखरखाव के लिए प्रति जिला 25 लाख रुपये तक के कार्यों को स्वीकृत करने के लिए अधिकृत किया है।

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