तिरुवनंतपुरम , जून 19 -- केरल सरकार ने राज्य के चार प्रमुख मंदिरों को प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर की तर्ज पर विकसित करने की एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस पहल का उद्देश्य इन मंदिरों को राष्ट्रीय स्तर के प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में स्थापित करना है।
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करते हुए कहा कि इस पहल के तहत सबरीमाला, गुरुवायूर, कोट्टियूर और तिरुवल्लम मंदिरों को शामिल किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य तीर्थयात्रा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाना और राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना है।
केरल की मंदिर विरासत को संजोने के प्रयासों के तहत, बजट में पवित्र उपवनों (कावूकाल) और मंदिर के तालाबों के जीर्णोद्धार और संरक्षण के लिए पांच करोड़ रुपये सुरक्षित रखे गये हैं।
सरकार ने त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड को दिए जाने वाले वार्षिक भुगतान के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसके साथ ही यह भी घोषणा की गयी कि मालाबार देवस्वोम बोर्ड को अतिरिक्त अधिकार देकर और अन्य देवस्वोम बोर्डों की तर्ज पर समर्पित नियम लागू करके इसे और मजबूत किया जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित