तिरुवनंतपुरम , मार्च 01 -- केरल सरकार ने बालिकाओं में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 14 वर्षीय लड़कियों को ह्यूमेन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) वैक्सीन लगाने का राज्यव्यापी अभियान शुरू कर दिया है।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तहत लागू किया जा रहा है और इसका लक्ष्य तीन महीनों के भीतर राज्य की सभी 14 वर्ष आयु वर्ग की लड़कियों को कवर करना है। इससे पहले 3 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने प्लस वन और प्लस टू की छात्राओं के लिए व्यापक टीकाकरण पहल का शुभारंभ किया था। शुक्रवार से शुरू हुए इस चरण में निर्धारित आयु वर्ग की सभी पात्र बालिकाओं को शामिल किया गया है।
सरकार ने विशेष अभियान के तहत 14 वर्ष की सभी लड़कियों को एचपीवी वैक्सीन की एकल खुराक देने का निर्णय लिया है। आगामी वर्षों में इस टीके को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया जाएगा, ताकि प्रत्येक लड़की को 14 वर्ष की आयु पूरी करने पर यह टीका मिल सके।
यह वैक्सीन राज्य के सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। पात्र लाभार्थी यू-विन पोर्टल के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सीधे संपर्क कर सकते हैं। आशा कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्यकर्मियों की ओर से भी सहायता उपलब्ध है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समूह और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए एचपीवी टीकाकरण की सिफारिश की है। निजी अस्पतालों में इस टीके की एक खुराक की कीमत लगभग 4,000 रुपये है, जबकि सरकारी केंद्रों पर इसे मुफ्त दिया जा रहा है।
बताया गया है कि एचपीवी वैक्सीन कैंसरकारी संक्रमण के खिलाफ एंटीबॉडी बनाकर सर्वाइकल कैंसर से बचाव में 90 प्रतिशत से अधिक प्रभावी है। लगभग 99.7 प्रतिशत सर्वाइकल कैंसर मामलों का संबंध लगातार एचपीवी संक्रमण से होता है। यद्यपि अधिकांश एचपीवी संक्रमण लक्षणहीन होते हैं और स्वयं ठीक हो जाते हैं, लेकिन लंबे समय तक संक्रमण रहने पर कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है। वर्ष 2022 में इसके 79,103 नए मामले और 34,805 मौतें दर्ज की गईं। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार प्रति एक लाख महिलाओं पर 11.6 नए मामले और 5.1 मृत्यु दर दर्ज की गई है।
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