तिरुवनंतपुरम , जुलाई 17 -- केरल श्रम विभाग ने प्रौद्योगिकी कंपनी टैलरॉप द्वारा बड़े पैमाने पर की गयी छंटनी पर एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

श्रम मंत्री एडवोकेट बिंदु कृष्णा के निर्देशों के बाद अतिरिक्त श्रम आयुक्त के.एम. सुनील की अध्यक्षता में श्रम भवन में बुलायी गयी बैठक में यह निर्णय लिया गया। एर्नाकुलम के संयुक्त श्रम आयुक्त को अगले सोमवार तक रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट में उन परिस्थितियों की जांच की जायेगी जिनके कारण बड़े पैमाने पर छंटनी हुई; कंपनी की वित्तीय देनदारियों (जिसमें कर्मचारियों का बकाया वेतन भी शामिल है) का आकलन किया जायेगा; उन आरोपों की जांच होगी कि कंपनी की कर्मचारी-विरोधी नीतियों के कारण कुछ कर्मचारियों को इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया; और कंपनी द्वारा अपनायी गयी भर्ती प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जायेगी।

विभाग ने अधिकारियों को कर्मचारियों की सही संख्या की पुष्टि करने का भी निर्देश दिया गया है, क्योंकि आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि टैलरॉप में वर्तमान में 608 कर्मचारी हैं।

श्रम विभाग 25 जुलाई से पहले होने वाली कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ अगली दौर की बातचीत में रिपोर्ट के निष्कर्षों पर विचार करेगा।

श्री सुनील ने कहा कि नतीजों के आधार पर टैलरॉप को नोटिस जारी किया जाएगा और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि छंटनी किये गये कर्मचारियों को उनके सभी देय लाभ मिलें।

श्रम विभाग के अनुसार, टैलरॉप ने बिना किसी पूर्व चेतावनी के लगभग 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया और कथित तौर पर उनके बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया। यह भी आरोप लगाया गया कि बर्खास्तगी इस तरह से की गई जिससे कर्मचारी मुआवजा पाने के लिए श्रम कार्यालय से संपर्क न कर सकें।

श्रम मंत्री ने प्रभावित कर्मचारियों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद हस्तक्षेप किया और श्रम आयुक्तालय को उचित कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।

श्रम भवन में हुई बैठक में एर्नाकुलम के क्षेत्रीय श्रम आयुक्त के. सुरेश कुमार, उप श्रम आयुक्त (मुख्यालय) सतीश कुमार, एर्नाकुलम जिला श्रम अधिकारी मिनॉय जेम्स और प्रभावित कर्मचारियों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

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