तिरुवनंतपुरम , मई 04 -- केरल में संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 140-सदस्यीय विधानसभा में 103 सीटों के साथ बढ़त हासिल करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) 35 और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सिर्फ 2 सीटों तक सिमटकर रह गए हैं।
यूडीएफ के भीतर कांग्रेस (आईएनसी) 64 सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है, जिसके बाद इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) 22 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है। गठबंधन के अन्य सहयोगियों ने भी मोर्चा के मजबूत प्रदर्शन में योगदान दिया है, जिसमें केरल कांग्रेस के विभिन्न गुटों ने 7 सीटें जीती हैं, क्रांतिकारी समाजवादी पार्टी (आरएसपी) ने 3 सीटें हासिल की हैं और केसी(जे), सीएमपी, आरएमपीआई और केडीपी जैसे छोटे घटक दलों ने एक-एक सीट जीती है। मोर्चा से जुड़े निर्दलीय उम्मीदवारों ने 3 सीटें हासिल की हैं।
एलडीएफ खेमे में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 26 सीटें जीती हैं, जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने 8 सीटें हासिल की हैं। शेष सीटों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के खाते में एक सीट आई है, जबकि अन्य घटक दल अब तक अपना खाता खोलने में असफल रहे हैं।
राजग सिर्फ 2 सीटों तक सीमित रहा है और ये दोनों सीटें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जीती हैं, जबकि उसके अन्य सहयोगी दलों को कोई सफलता नहीं मिली है।
कुल मिलाकर रुझान यूडीएफ के पक्ष में एक निर्णायक जनादेश का संकेत दे रहे हैं। वोटों की गिनती जैसे-जैसे अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है, यूडीएफ एक आरामदायक बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करने की स्थिति में है।
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