तिरुवनंतपुरम , मई 23 -- केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को कहा कि राज्य की पुलिस आगामी एक जून से प्रदेशव्यापी नशामुक्ति अभियान 'ऑपरेशन तूफ़ान , द नारको हंट' की शुरुआत करेगी।

श्री चेन्निथला ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक के बाद पुलिस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि इस अभियान का उद्देश्य उन नशीले पदार्थों के गिरोहों को जड़ से खत्म करना है जो बच्चों और युवाओं को अपना निशाना बनाते हैं। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के सेवन, तस्करी, आपूर्ति श्रृंखलाओं और प्रचार-प्रसार में शामिल सभी लोग एक विशेष रूप से तैयार की गयी प्रवर्तन परियोजना के तहत पुलिस की कड़ी निगरानी में रहेंगे।

उन्होंने कहा कि केरल पुलिस अंतर-राज्यीय नशीले पदार्थों के माफियाओं को खत्म करने के लिए अन्य राज्यों के पुलिस प्रमुखों के साथ समन्वय में काम करेगी। राज्य में रासायनिक और सिंथेटिक नशीले पदार्थों के साथ-साथ हाइब्रिड गांजे के प्रवेश को रोकने के लिए विशेष निगरानी तंत्र शुरू किए जाएंगे। विद्यालयों के पास तंबाकू की बिक्री, पांच सितारा होटलों, डीजे पार्टियों और बैकवाटर तथा समुद्र में आयोजित पार्टियों के माध्यम से नशीले पदार्थों के प्रसार के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा, "नशीले पदार्थों की तस्करी के मामले में किसी भी तरह का कोई समझौता नहीं किया जाएगा।" नशामुक्ति अभियान के साथ-साथ उन्होंने केरल पुलिस को और अधिक जन-अनुकूल और कुशल बनाने के उद्देश्य से कई बड़े सुधारों और कार्य योजनाओं की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 484 थानों को पूरी तरह से एक नए जन-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ बदला जाएगा।

उन्होंने कहा कि थानों में आने वाले किसी भी व्यक्ति के साथ अपराधी जैसा बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उसके साथ एक ऐसे नागरिक जैसा बर्ताव होना चाहिए जो गरिमा और सम्मान का हकदार है। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे आने वाले लोगों का स्वागत "गुड मॉर्निंग" और "नमस्कारम" जैसे अभिवादनों के साथ करें, और अधिकारियों से यह उम्मीद की जाएगी कि वे शिकायतों को निष्पक्ष रूप से सुनें और उन्हें ज़िम्मेदारी से हल करें। थानों में साफ-सफाई सुनिश्चित करने के साथ-साथ, पुलिस महानिदेशक को यह निर्देश भी दिया गया है कि वे उन वाहनों की नीलामी करें और उन्हें हटा दें जो सालों से थाना परिसर में लावारिस पड़े हैं।

श्री चेन्निथला ने कहा कि इस बात को लेकर चिंता बढ़ रही है कि उप निरीक्षक के बजाय क्षेत्रीय निरीक्षकों को थानों की ज़िम्मेदारियाँ सौंपने से पुलिसिंग की कार्यक्षमता पर बुरा असर पड़ा है। इसलिए, थानों में उपनिरीक्षकों , क्षेत्रीय निरीक्षकों और उपाधीक्षकों के पदों और ज़िम्मेदारियों के पुनर्गठन का अध्ययन करने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेश (मुख्यालय) की अध्यक्षता में पाँच सदस्यों वाली एक समिति का गठन किया गया है। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट जमा होने के तुरंत बाद ज़रूरी सुधार लागू किए जाएँगे।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अत्याचार से जुड़े मामलों में आरोपियों को सज़ा दिलवाने के लिए पुलिस की चौकसी बढ़ाई जाएगी। युवा पीढ़ी को अपराध और नशे की लत से दूर रखने के लिए 'जनमैत्री पुलिस' और 'स्टूडेंट पुलिस कैडेट' कार्यक्रमों को और मज़बूत किया जाएगा। साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस को लोन ऐप्स के ज़रिए होने वाली धोखाधड़ी, क्रिप्टोकरेंसी घोटालों, ऑनलाइन दुर्व्यवहार और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए धार्मिक नफरत फैलाने जैसी समस्याओं से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए अतिरिक्त कर्मियों और तकनीकी बुनियादी ढांचे की ज़रूरत के संबंध में मुख्यमंत्री के साथ चर्चा की जाएगी। पूरे राज्य में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने में मदद के लिए नए मोबाइल एप्लिकेशन और सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली भी शुरू की जाएगी।

श्री चेन्निथला ने कहा कि बदलते समय और उभरती चुनौतियों के अनुसार पुलिस प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में संशोधन किया जाएगा। उन्होंने पुलिस बल के भीतर आत्महत्याओं की बढ़ती संख्या पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों पर अनावश्यक दबाव न डालें और एक ऐसा स्वस्थ कार्य वातावरण सुनिश्चित करें जिसमें अधिकारियों को प्रभावी ढंग से काम करने की आज़ादी मिले।

उन्होंने राज्य में चल रहे विवादों और कानून-व्यवस्था के मामलों को लेकर कहा कि 'नव केरल यात्रा' के दौरान मुख्यमंत्री के सुरक्षाकर्मी द्वारा कथित हमले के मामले पर विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट मिलते ही तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। एर्नाकुलम में विवादित बेदखली अभियान को लेकर उन्होंने कहा कि पुलिस का बल प्रयोग करने का कोई इरादा नहीं था और यह कार्रवाई अदालत के निर्देशों से उत्पन्न दबाव के तहत की गई थी। उन्होंने कहा कि इस मामले में अदालत से राहत दिलाने का काम एडवोकेट जनरल को सौंपा गया है।

मीडिया की आज़ादी के मुद्दे पर श्री चेन्निथला ने कहा कि पत्रकारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की प्रथा अनुचित है और उन्होंने घोषणा की कि पय्यानूर में पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि राजनीतिक दलों को पुलिसकर्मियों को धमकाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। "सरकारें बदल सकती हैं, लेकिन पुलिस अधिकारी वही रहते हैं। उनकी ज़िम्मेदारी सरकार की नीतियों को लागू करना है," उन्होंने कहा, और यह भी जोड़ा कि सभी अधिकारी उन ज़िम्मेदारियों को निष्पक्ष रूप से निभाने के लिए कर्तव्यबद्ध हैं।

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