तिरुवनंतपुरम , जून 16 -- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने केरल में 'आरबीआई रीलाथॉन 2026' की शुरुआत की है, जो एक राज्य स्तरीय जागरूकता अभियान है। इसका उद्देश्य राज्य में बड़ी चुनौती के रूप में उभर रही साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ लड़ाई में कॉलेज के छात्रों को शामिल करना है।
यहां आरबीआई कार्यालय में इस अभियान का उद्घाटन करते हुए केरल पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रवदा चंद्रशेखर ने साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने साइबर धोखाधड़ी को केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लोगों को प्रभावित करने वाली गंभीर सामाजिक चुनौती बताया।
उन्होंने इस बात पर भी गौर किया कि वित्तीय नुकसान के अलावा, पीड़ित और उनके परिवार अक्सर गंभीर मानसिक तनाव से भी गुजरते हैं।फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट घोटालों, अवैध लोन आवेदन, नौकरी के फर्जी प्रस्तावों और म्यूल अकाउंट नेटवर्क जैसे खतरों का जिक्र कर उन्होंने चेतावनी दी कि साइबर अपराधी सोशल इंजीनियरिंग के हथकंडों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग के जरिये युवाओं को लगातार निशाना बना रहे हैं।
साइबर अपराध की रिपोर्टिंग में 'गोल्डन ऑवर' पर जोर देते हुए उन्होंने नागरिकों से आधिकारिक चैनलों के माध्यम से तुरंत घटनाओं की रिपोर्ट करने का आग्रह किया, ताकि धोखाधड़ी वाले लेनदेन को रोकने और पैसे की वसूली की संभावना को बढ़ाया जा सके। छात्रों से साइबर सुरक्षा दूतों के रूप में काम करने का आह्वान करते हुए डीजीपी ने उन्हें साइबर धोखाधड़ी के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए अपनी रचनात्मकता और सामाजिक प्रभाव का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि इस प्रतियोगिता से तैयार की गयी सबसे बेहतरीन जागरूकता सामग्री को केरल पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जायेगा।
इस अवसर पर तिरुवनंतपुरम के आरबीआई क्षेत्रीय निदेशक ने कहा कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली वित्तीय धोखाधड़ी, जिसमें अवैध लोन ऐप और म्यूल अकाउंट से जुड़े मामले शामिल हैं, केरल में बड़ी चुनौती बनी हुयी है। उन्होंने कहा कि आरबीआई रीलाथॉन 2026 पहल का उद्देश्य छात्रों की रचनात्मकता का उपयोग कर ऐसी प्रभावशाली जागरूकता सामग्री तैयार करना है, जो व्यापक दर्शकों तक पहुंचने और सार्वजनिक सतर्कता को मजबूत करने में सक्षम हो।
आरबीआई रीलाथॉन 2026 को तीन चरणों में लागू किया जायेगा। पहले चरण में केरल के लगभग 150 कॉलेजों में समझदारी से कर्ज लेने और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग प्रथाओं पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। दूसरे चरण के दौरान छात्र अवैध लोन ऐप, म्यूल अकाउंट, साइबर वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर स्वच्छता जैसे विषयों पर छोटे वीडियो और रील्स बनाकर जमा करेंगे। मूल्यांकन के कई दौर के बाद चुनी गयी टीमें इस साल के अंत में होने वाले ग्रैंड फिनाले में प्रतिस्पर्धा करेंगी और शीर्ष तीन विजेताओं को क्रमशः 75,000, 50,000 और 25,000 रुपये के नकद पुरस्कार मिलेंगे।
तीसरे एवं अंतिम चरण में विजेता रील्स को आरबीआई के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के साथ-साथ केरल पुलिस, बैंकों, कॉलेजों और अन्य भागीदार संस्थानों के सोशल मीडिया चैनलों के माध्यम से प्रसारित किया जायेगा।
उद्घाटन समारोह में केरल और लक्षद्वीप के बैंकिंग लोकपाल ई. बी. चिंदन, भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) केरल सर्कल के मुख्य महाप्रबंधक केवी बंगराजू, प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुख, तिरुवनंतपुरम के अग्रणी कॉलेजों के प्राचार्य और आरबीआई के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
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