तिरुवनंतपुरम , अप्रैल 09 -- केरल में 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान शुरू होने के साथ ही मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और सत्ताधारी वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के अन्य नेता सुबह-सुबह जल्दी मतदान केंद्रों पर पहुंचे और वोट डाला।

श्री विजयन ने मतदाताओं को गलत प्रचार के प्रति सावधान करते हुए विश्वास जताया कि एलडीएफ को शासन का एक और कार्यकाल मिलेगा।

सत्ताधारी माकपा के कई वरिष्ठ नेता केरल भर के मतदान केंद्रों पर जल्दी पहुंचे, जिससे मतदान के लिए माहौल तैयार हुआ। माकपा नेताओं ने मतदाताओं से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की।

सुबह 7 बजे मतदान शुरू होने के तुरंत बाद कन्नूर जिले के धर्मदम निर्वाचन क्षेत्र में वोट डालने वाले पहले लोगों में श्री विजयन भी शामिल थे।

उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मतदाताओं को 'गलत जानकारी' के प्रति सावधान किया और विश्वास जताया कि 'सत्ताधारी एलडीएफ को शासन का एक और कार्यकाल मिलेगा।"वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने कन्नूर में जल्दी ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जबकि माकपा के राज्य सचिव एमवी गोविंदन ने भी उसी जिले में अपना वोट डाला, जो पार्टी का एक प्रमुख गढ़ बना हुआ है।

पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ और शुरुआती घंटों में मतदाताओं की अच्छी-खासी भागीदारी देखने को मिली। दिन की शुरुआत में ही माकपा के शीर्ष नेताओं की सक्रिय भागीदारी को एक रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका मकसद मतदाताओं को लामबंद करना है। यह चुनाव सत्ताधारी एलडीएफ और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच एक कड़े मुकाबले के तौर पर देखा जा रहा है।

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