तिरुवनंतपुरम , जुलाई 22 -- केरल सरकार ने राज्य भर के कॉलेजों और पेशेवर शैक्षणिक संस्थानों में रैगिंग को रोकने के लिये एक नया कानून बनाने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि प्रस्तावित कानून का नाम वायनाड पशु चिकित्सा कॉलेज के छात्र सिद्धार्थ की स्मृति में 'सिद्धार्थ एंटी-रैगिंग एक्ट' रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों को अधिकारियों के समक्ष रैगिंग से जुड़ी शिकायतों को आसानी से दर्ज कराने में सक्षम बनाने के लिए एक 'सिद्धार्थ डिस्ट्रेस ऐप' भी विकसित किया जायेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओणम के मौसम के दौरान पारंपरिक नारियल जूट क्षेत्र को सहायता देने के लिए एक विशेष राज्यव्यापी अभियान आयोजित किया जाएगा, जो वर्तमान में संकट का सामना कर रहा है। यह अभियान जूट उत्पादों के बचे हुए स्टॉक को बेचने और इस क्षेत्र को अपनी कठिनाइयों से उबारने में मदद करने पर ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने सरकारी संस्थानों और आम जनता से कम से कम एक जूट उत्पाद खरीदने और इस पहल का हिस्सा बनने की अपील की।
श्री सतीशन ने कहा कि केरल को औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास क्षेत्रों में 10,000 करोड़ रुपये के नए निवेश की उम्मीद है। बंदरगाह शहरों, विमानन हब और अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित निवेश की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कोच्चि में एक ओशनेरियम और एक अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय स्थापित करने पर काम तेजी से हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में वर्तमान बिजली संकट का मुख्य कारण अल नीनो प्रभाव के कारण बारिश में कमी और बिजली की खपत में वृद्धि को बताया। राज्य के जलाशयों में जलस्तर, जो पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान 61 प्रतिशत था, इस वर्ष घटकर 28 प्रतिशत रह गया है। इस बीच, दैनिक बिजली की मांग में लगभग 1,000 मेगावाट की वृद्धि हुई है। संकट से निपटने के लिए सरकार ने खुले बाजार से 200 मेगावाट बिजली खरीदने का फैसला किया है, जबकि दीर्घकालिक समाधान के लिए योजनाएं तैयार करने के कदम उठाए जा रहे हैं।
वक्फ बोर्ड से संबंधित मुद्दे पर सवालों के जवाब देते हुए श्री सतीशन ने कहा कि सरकार उचित फैसला लेने से पहले इसके गठन के लिए जारी आदेश और अदालतों के निर्देशों के अनुसार मामले की जांच करेगी।
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