तिरुवनंतपुरम , जुलाई 10 -- कुडुम्बश्री, केरल राज्य बीमा विभाग एवं भारतीय जीवन बीमा निगम की संयुक्त पहल हे जिसकी 'जीवन दीपम ओरुमा' बीमा योजना के अंतर्गत पूरे केरल में 16.7 लाख नेबरहुड ग्रुप (एनएचजी) सदस्यों को बीमा कवरेज प्राप्त हुआ है।

कुडुम्बश्री सदस्यों के लिए सामाजिक सुरक्षा पहल के रूप में शुरू की गई इस योजना में 200 रुपये के सालाना प्रीमियम पर बीमा सुरक्षा प्रदान की जाती है। मौजूदा बीमा 31 मार्च, 2027 तक मान्य है। इस साल की शुरुआत में कुडुम्बश्री द्वारा चलाए गए राज्यव्यापी नामंकन अभियान में रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने इसमें पंजीयन कराया।

यह योजना एनएचजी सदस्य की प्राकृतिक या दुर्घटना से हुई मौत की स्थिति में नॉमिनी को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। 18 से 74 साल की उम्र के लोग इस योजना में शामिल होने के पात्र हैं।

सामान्य मौत के मामले में, 18 से 50 साल की उम्र के बीमा धारकों के नॉमिनी को दो लाख रुपये मिलते हैं। 51 से 60 साल की उम्र के बीमा धारकों को 80,000 रुपये मिलते है जबकि 61 से 70 साल की उम्र के सदस्यों के नॉमिनी को 30,000 रुपये मिलते हैं जबकि 71 से 74 साल की उम्र के बीमा धारकों के नॉमिनी को 25,000 रुपये मिलते है।

इसके अलावा, यह योजना दुर्घटना में हुई मौत पर मुआवज़ा भी देती है। 18 से 50 साल की उम्र के सदस्यों के नॉमिनी को अतिरिक्त 1.20 लाख रुपये, 51 से 60 साल की उम्र वालों के नॉमिनी को एक लाख रुपये और 61 से 74 साल की उम्र के सदस्यों के नॉमिनी को अतिरिक्त 60,000 रुपये मिलते हैं।

यह बीमा योजना एनएचजी को ऋृण की देनदारियों से भी बचाती है। पहले, अगर बैंक ऋृण लेने वाले किसी सदस्य की मौत हो जाती थी तो बाकी सदस्यों को उस सदस्य के ऋृण का बोझ उठाना पड़ता था।

इस योजना के तहत, मृतक सदस्य के बकाया ऋृण की रकम का निपटान बीमा दावा से किया जाता है और उसे सीधे एनएचजी के बैंक खाते में जमा किया जाता है जबकि बची हुई रकम नॉमिनी को दी जाती है।

इस योजना की शुरुआत वित्त वर्ष 2020-21 में हुई थी, इसके अंतर्गत अब तक 37 करोड़ रुपये के बीमा लाभ प्रदान किए जा चुके हैं। प्रीमियम कलेक्शन, नए सदस्यों का नामांकन और मौजूदा बीमा का नवीनीकरण, समुदायिक विकास समिति स्तर पर काम करने वाले 'बीमा मित्र' के माध्यम से किया जाता है।

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