तिरुवनंतपुरम , मई 01 -- केरल विधानसभा चुनाव के सभी 140 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए चार मई को होने वाली मतगणना की व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। कड़ी सुरक्षा और बहुस्तरीय पारदर्शिता उपायों के बीच मतगणना सुबह आठ बजे शुरू होगी।
यह प्रक्रिया 43 स्थानों पर स्थित 140 मतगणना केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। सुचारु, सटीक और विश्वसनीय प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए कुल 15,465 अधिकारियों को तैनात किया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रतन यू. केलकर ने बताया कि इस बड़े पैमाने के ऑपरेशन में पीठासीन अधिकारी, 1,340 अपर सहायक पीठासीन अधिकारी, 4,208 माइक्रो ऑब्जर्वर, 4,208 काउंटिंग सुपरवाइजर और 5,563 काउंटिंग असिस्टेंट शामिल होंगे। मतगणना के प्रत्येक दौर में 14 मतदान केंद्रों तक के वोट कवर किए जाएंगे और हर चरण में व्यवस्थित जांच की जाएगी।
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट (डाक मतपत्रों) से होगी, जिसके बाद ईवीएम में पड़े वोटों गणना की जाएगी। प्रत्येक केंद्र पर ईवीएम गणना के लिए 14 टेबल होंगे, जबकि दक्षता सुनिश्चित करने के लिए हर 500 मतपत्रों पर एक टेबल के अनुपात में पोस्टल बैलेट के लिए अलग टेबल की व्यवस्था की जाएगी। मतदान सामग्री वाले स्ट्रॉन्ग रूम उम्मीदवारों या उनके अधिकृत प्रतिनिधियों, चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों और अधिकारियों की उपस्थिति में खोले जाएंगे और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर ईवीएम गणना और दर्ज वोटों के बीच कोई विसंगति होती है, तो वीवीपैट पर्चियों की गणना की जाएगी। अतिरिक्त सुरक्षा के रूप में, हर दौर में दो ईवीएम का रैंडम सत्यापन किया जाएगा, जबकि सटीकता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में पांच मतदान केंद्रों की वीवीपैट पर्चियों की अनिवार्य रूप से गणना की जाएगी।
सभी मतगणना केंद्रों पर सख्त सुरक्षा और प्रक्रियात्मक प्रोटोकॉल लागू किये गये हैं। मतगणना हॉल में प्रवेश केवल वैध पास वाले अधिकृत व्यक्तियों तक ही सीमित रहेगा। किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार या निर्देशों के उल्लंघन पर तत्काल निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी। मीडिया कर्मियों को विशिष्ट प्रतिबंधों के तहत कवरेज की अनुमति होगी, लेकिन मतगणना हॉल के भीतर ट्राइपॉड-माउंटेड कैमरों के उपयोग या वोटों की क्लोज-अप इमेज लेने की अनुमति नहीं होगी।
मतगणना हॉल के भीतर मोबाइल फोन का उपयोग सख्त रूप से विनियमित होगा। केवल चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों को ही सीमित पहुंच दी जाएगी, जबकि अन्य सभी को प्रवेश से पहले अपने उपकरण निर्धारित काउंटरों पर जमा करने होंगे। चुनाव के बाद का व्यापक 'इंडेक्स कार्ड' डेटा के आधार पर 48 घंटों के भीतर तैयार कर चुनाव आयोग को भेज दिया जाएगा।
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