तिरुवनंतपुरम , सितंबर 10 -- केरल सरकार ने उच्चतम न्यायालय में अपने मामलों की पैरवी के लिए वरिष्ठ वकीलों का एक पैनल निर्धारित किया है और कई योजनाओं को मंज़ूरी प्रदान की है, जिनमें जिला न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृति उम्र बढ़ाना भी शामिल है।

मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन ने कहा कि मंत्रिमंडल ने जिला न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृति उम्र के बारे में शीर्ष न्यायालय में राज्य सरकार की ओर से दाखिल हलफनामे को मंज़ूरी दे दी है और उनकी सेवानिवृति उम्र बढ़ाने का फैसला किया है।

मंत्रिमंडल ने कोझिकोड के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आईसीयू में हमले का शिकार हुई एक युवती के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से पांच लाख रुपये मंज़ूर किए।

श्री सतीसन ने बताया कि केरल उच्च न्यायालय के सेवानिवृत न्यायाधीश सी. प्रदीपकुमार को स्थानीय स्व-शासन संस्थाओं के लिए लोकपाल नियुक्त किया गया है। मंत्रिमडल बैठक में राज्य के बजट में घोषित विकास परियोजनाओं को प्रभावी तरीके से और समय-सीमा के भीतर लागू करने के लिए एक नया समन्वय तंत्र स्थापित करने का भी निर्णय लिया।

इस पहल के अंतर्गत, तिरुवनंतपुरम में 16 से 18 सितंबर तक एक गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसमें बजट घोषणाओं को परियोजनाओं में बदलने के लिए एक एक्शन प्लान तैयार करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों को एक साथ लाया जाएगा।

राज्य के 40 से ज़्यादा विभागों में घोषित 73 परियोजनाओं में से 63 को एक से ज्यादा विभाग मिलकर लागू करेगा जबकि सिर्फ 10 परियोजना किसी एक विभाग के तहत आते हैं। इस नयी प्रणाली का उद्देश्य विभागों के बीच तालमेल की कमी से होने वाली देरी को दूर करना है।

सम्मेलन का ध्यान परियोजना नियोजन, कार्यान्वयन, अंतर-विभागीय समन्वय और विशेषज्ञ परामर्शदात्री संस्थाओं से मिलने वाले सहयोग पर केंद्रित होगा। छह क्लस्टरों के अंतर्गत चयनित 34 परियोजनाओं के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएंगी। सम्मेलन में परियोजनाओं का क्षेत्र, लक्ष्य, कार्यान्वयन मॉडल और वित्त पोषण के स्रोत को भी अंतिम रूप दिया जाएगा, साथ ही प्रमुख परियोजनाओं को पूरा करने के लिए स्पष्ट समयसीमा भी तय की जाएगी। इसमें थिंक टैंक, नीति विशेषज्ञ, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थान, अंतरराष्ट्रीय विकास साझेदार, वित्तीय संस्थान, निवेशक, उद्योग संघ और स्टार्ट-अप चर्चाओं में भाग लेंगे।परियोजना कार्यान्वयन के लिए संदर्भ की शर्तों को पहले ही अंतिम रूप दिया जा चुका है और बजट की घोषणा के तुरंत बाद परियोजनाएं संबंधित विभागों को सौंप दी गई थीं। परियोजनाओं के रणनीतिक क्रियान्वयन में सहायता के लिए एक ज्ञान साझेदार का भी चयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई व्यवस्था, विभागों और अधिकारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से तय करके और समन्वय की कमियों को दूर करके, विकास परियोजनाओं के तेजी से कार्यान्वयन और लोगों तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने में मदद करेगी।

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