तिरुवनंतपुरम , मई 20 -- केरल की नवनिर्वाचित संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार ने बुधवार को महत्वाकांक्षी सिल्वरलाइन (के-रेल) अर्ध-उच्च गति रेल परियोजना को आधिकारिक रूप से रद्द करने की घोषणा कर दी। यह परियोजना पूर्ववर्ती वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार की प्रमुख विकास योजनाओं में शामिल थी।
मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित अब तक जारी सभी अधिसूचनाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गयी हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सिल्वरलाइन परियोजना के विरोध में हुए आंदोलनों से जुड़े मामलों को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। राज्यभर के विभिन्न न्यायालयों और पुलिस थानों में लंबित मामलों को वापस लेने की सिफारिश की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मामलों की प्रकृति के आधार पर उन्हें वापस लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग को आवासीय क्षेत्रों और निजी संपत्तियों में लगाए गए विवादित पीले सर्वे पत्थरों को हटाने का निर्देश दिया गया है। ये पत्थर प्रस्तावित रेल कॉरिडोर की सीमा चिह्नित करने के लिए लगाए गए थे।
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