मलप्पुरम , मई 12 -- इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने केरल में मुख्यमंत्री की घोषणा में हो रही लगातार देरी पर गहरी चिंता जताते हुए मंगलवार को कहा कि इस अनिश्चितता से पार्टी एवं जनता दोनों में बेचैनी बढ़ रही है।

आईयूएमएल की महत्वपूर्ण बैठक बुधवार को सुबह 10 बजे निर्धारित है, जिसमें इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा होने की उम्मीद है। पार्टी नेतृत्व ने कहा है कि मुख्यमंत्री की नियुक्ति में हो रही लंबी देरी से पार्टी कार्यकर्ताओं का मनोबल गिर रहा है, खासकर संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) की चुनावी जीत के बाद।

नेताओं के अनुसार वर्तमान समय उत्सव का होना चाहिए था लेकिन इसके बजाय यह कार्यकर्ताओं के बीच भ्रम एवं असंतोष का दौर बन गया है। उनका कहना है कि मलप्पुरम जिले सहित कई स्थानों पर कार्यकर्ता और जनता राज्य में सरकार गठन में देरी और मुख्यमंत्री के चयन को लेकर बार-बार सवाल उठा रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को भी इस मुद्दे पर जनता की बढ़ती खोजबीन का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में यह भी कहा गया कि शादियों एवं सार्वजनिक समारोहों में भी अक्सर मुख्यमंत्री की घोषणा में देरी पर चर्चा हो रह है जो जनता की बढ़ती रुचि एवं चिंता को दर्शाती है।

आईयूएमएल नेतृत्व ने इस बात पर बल दिया कि इस स्थिति को और आगे बढ़ने नहीं देना चाहिए और जल्द से जल्द निर्णय लेना चाहिए। नेताओं ने यह भी कहा कि यूडीएफ की चुनावी जीत सभी सहयोगी दलों की सामूहिक उपलब्धि है और इसका सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य में वर्तमान राजनीतिक चर्चा में शासन की प्राथमिकताओं के बजाय नेतृत्व की अनिश्चितता हावी है। बैठक में इस बात पर भी प्रकाश डाला गया कि केरल में कई अत्यावश्यक प्रशासनिक मामले हैं जिन पर नयी सरकार को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, आईयूएमएल नेतृत्व ने मुख्यमंत्री के फैसले में देरी को लेकर कांग्रेस आलाकमान को अपनी चिंता से अवगत कराया है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि निरंतर अनिश्चितता से कार्यकर्ताओं एवं समर्थकों के बीच और ज्यादा भ्रम और असंतोष उत्पन्न हो सकता है और इस बात पर बल दिया कि चुनावी जनादेश के बाद जनता की अपेक्षाओं का बिना किसी देरी के सम्मान करना चाहिए।

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