तिरुवनंतपुरम , नवंबर 17 -- केरल के महालेखाकार (लेखा एवं पात्रता) कार्यालय को भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक(कैग) के 'वर्ष 2025 के कार्यालय पुरस्कार' से सम्मानित किया गया है।
यह पुरस्कार प्रति वर्ष उन लेखा और पात्रता कार्यालयों को दिया जाता है, जिनका प्रदर्शन देश में सबसे बेहतर होता है।
एक विज्ञप्ति के अनुसार, केरल कार्यालय को 2023-24 के अपने प्रदर्शन की तुलना में सबसे बेहतर लेखा एवं पात्रता कार्यालय भी चुना गया है, जो दक्षता और सेवा वितरण में उसकी दक्षता में सुधार को मान्यता प्रदान करता है।
राज्य के वित्तीय प्रबंधन ढांचे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला यह संस्थान राज्य की राजकोषीय स्थिति का विस्तृत विवरण तैयार करने के लिए हर साल वित्त एवं विनियोग खातों के साथ-साथ मासिक सिविल खातों को भी तैयार करता है। संस्थान द्वारा इन खातों पर तैयार रिपोर्ट हर साल राज्य विधानमंडल के समक्ष प्रस्तुत किए जाते हैं।
यह कार्यालय लगभग छह लाख पेंशनभोगियों के पेंशन मामलों का प्रबंधन करता है और सालाना लगभग 20,000 नए पेंशन पात्रताओं को भी जारी करता है। यह 3.2 लाख सरकारी कर्मचारियों के सामान्य भविष्य निधि (जीपीएफ) खातों का रखरखाव करता है और प्रवेश, अग्रिम एवं अंतिम निपटान की देखरेख करता है।
इसके अलावा, इसे राज्य सरकार में कार्यरत संवैधानिक पदाधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों और अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों सहित लगभग 60,000 राजपत्रित अधिकारियों के वेतन और सेवा विवरण बनाए रखने का दायित्व सौंपा गया है।
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