कासरगोड , अक्टूबर 06 -- केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय में मंगलवार को 'वंदे मातरम्' पर एक राष्ट्रीय सेमिनार के विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में चार छात्र घायल हो गए।

छात्र संगठनों का आरोप है कि यह कार्यक्रम परिसर में भगवाकरण के एजेंडे का हिस्सा है। एसएफआई, एनएसयूआई, एमएसएफ और एआईएसएफ के कार्यकर्ताओं ने सेमिनार हॉल में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया, जिससे भारी धक्का-मुक्की हुई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके साथ बल प्रयोग किया और दावा किया कि झड़प के दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए।

छात्र संगठन खास तौर पर उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के तौर पर 'प्रज्ञा प्रवाह' के राष्ट्रीय संयोजक जे. नंदकुमार की भागीदारी का विरोध कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े बौद्धिक मंच के लोगों की भागीदारी और 'अखिल भारतीय साहित्य परिषद' की मौजूदगी से पता चलता है कि विश्वविद्यालय में भगवाकरण के एजेंडे को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले पर भी सवाल उठाए और मांग की कि शैक्षणिक संस्थान राजनीतिक एजेंडे का मंच बनने की बजाय अलग-अलग वैचारिक दृष्टिकोणों को समान जगह दें। प्रदर्शनकारियों के अनुसार श्री नंदकुमार सुबह करीब 8.30 बजे विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे।

गौरतलब है कि 'वंदे मातरम्' की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 6 और 7 अक्टूबर को लाइब्रेरी सेमिनार हॉल में दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम साहित्य अकादमी, अखिल भारतीय साहित्य परिषद और केरल केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया गया है।

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