नयी दिल्ली , फरवरी 24 -- भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने केरल राज्य का नाम बदल कर केरलम करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी मिलने का स्वागत करते हुए इसे संघीय व्यवस्था को मजबूत करने वाला ऐतिहासिक फैसला बताया है और राज्य के लोगों को उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की बधाई दी है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंगलवार को इस संबंध में स्वीकृत प्रस्ताव को लेकर भाकपा ने एक बयान में कहा, ' इससे उस नाम की पुनर्स्थापना हुई है जिससे यह भूमि ऐतिहासिक, भाषाई और सांस्कृतिक रूप से अपने लोगों के बीच जानी जाती है। "पार्टी ने कहा कि यह निर्णय केरल की जनता की लंबे समय से चली आ रही लोकतांत्रिक मांग की पूर्ति का प्रतीक है, जो राज्य की भाषाई विरासत और सामूहिक आत्मसम्मान में निहित है। बयान में कहा गया है "केरलम नाम मलयालम भाषा का अभिन्न हिस्सा है और क्षेत्र की सभ्यतागत निरंतरता तथा सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।"भाकपा ने इस बात का भी उल्लेख किया है कि राज्य सभा में उसके सदस्य पी. संदोश कुमार ने 22 जुलाई 2024 को संसद के उच्च सदन में विशेष उल्लेख के माध्यम से केरल का नाम बदल कर केरलम करने की पुरजोर मांग की थी।
पार्टी ने केन्द्र के आज के फैसले को औपनिवेशिक काल की त्रुटि का सुधार बताते हुए कहा , 'औपनिवेशिक काल की इस अंग्रेजीकृत संज्ञा को सुधारना भारत के बहुभाषी और संघीय स्वरूप की पुष्टि है।"भाकपा ने कहा है कि जून 2024 में केरल विधानसभा ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन द्वारा पेश प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पारित कर केंद्र सरकार से नाम परिवर्तन की मांग की थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित