तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 14 -- केरलम ने समुद्र में लापता लोगों के मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी करने के लिए सात साल की अनिवार्य प्रतीक्षा अवधि को कम करने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन किये जाने का केंद्र से आग्रह किया है।
मत्स्य पालन मंत्री वीई अब्दुल गफूर ने बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान एम. विंसेंट और सीआर मनोज द्वारा उठाये गये सवालों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने इस अनिवार्य अवधि को कम करने के लिए कानूनी संशोधन की मांग करते हुए केंद्र से औपचारिक रूप से संपर्क किया है क्योंकि इस अवधि के कारण लापता मछुआरों के परिवारों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मौजूदा प्रावधानों के तहत किसी व्यक्ति के लापता होने के सात साल बाद ही मृत्यु प्रमाण-पत्र जारी किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस देरी के कारण प्रभावित परिवारों को विभिन्न मामलों को निपटाने में कठिनाई होती है, जिसके चलते राज्य सरकार कानून में जल्द बदलाव की मांग कर रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार उन मामलों की समीक्षा करेगी जिनमें सात साल की अवधि पहले ही पूरी हो चुकी है और उन पर तत्काल कार्रवाई शुरू करेगी। ओखी आपदा में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को उनकी शैक्षिक योग्यता के आधार पर रोजगार देने की संभावना पर भी विचार किया जायेगा।
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