बेंगलुरु , अगस्त 31 -- कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) पशु चिकित्सा अधिकारी भर्ती घोटाले में आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने मामले के मुख्य आरोपी बासवराज कन्नले के एक करीबी रिश्तेदार को बीदर जिले के भालकी से हिरासत में लिया है।

इस मामले में पहले ही तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या भर्ती में कथित गड़बड़ी कुछ लोगों की करतूत थी या यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी, जो कथित तौर पर बिचौलियों के ज़रिए उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी का लालच देता था।

सीआईडी सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता कथित तौर पर काम करने के तरीके को समझने के लिए तकनीकी सबूतों और उम्मीदवारों के बयानों की जांच कर रहे हैं। उन उम्मीदवारों पर खास ध्यान दिया जा रहा है जिनसे कथित तौर पर संपर्क किया गया था, जिन्हें रिसॉर्ट ले जाया गया था और भर्ती प्रक्रिया से पहले ट्रेनिंग दी गयी थी।

उन्होंने कहा कि जांचकर्ता कई अहम सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं , उम्मीदवारों से किसने संपर्क किया , उन्हें कथित ट्रेनिंग वाली जगह पर कौन लाया , उनके रहने का इंतज़ाम किसने किया , ट्रेनिंग किसने दी और सबसे ज़रूरी बात, क्या नौकरी दिलाने के बदले पैसे की मांग की गयी या बातचीत हुई। उन्हाेंने कहा कि जिस रिसॉर्ट में कथित तौर पर उम्मीदवारों को इकट्ठा किया गया था, वह जांच का मुख्य केंद्र बन गया है। सीआईडी अधिकारी वहां मौजूद सभी लोगों की पहचान करने और उनकी भूमिकाओं का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं; जांचकर्ताओं को शक है कि यह एक सुनियोजित भर्ती ऑपरेशन हो सकता है।

उन्होंने बताया कि जांच में बिचौलियों के संदिग्ध नेटवर्क पर भी ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारी यह जांच कर रहे हैं कि क्या कुछ लोगों ने उम्मीदवारों और मुख्य आरोपी के बीच कड़ी का काम किया। उन्होंने कहा कि कन्नले के रिश्तेदार को हिरासत में लेना इसलिए भी अहम है क्योंकि जांचकर्ता उससे कन्नले और अन्य संदिग्धों के साथ उसके संपर्कों के बारे में पूछताछ करेंगे। नेटवर्क के संदिग्ध सदस्यों के बीच बातचीत, मुलाकातों और संपर्कों का पता लगाने के लिए कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की जा रही है।

सीआईडी ने कन्नले और उसके परिवार से जुड़ी कई जगहों पर तलाशी भी ली है, जिसमें बाल्की की लेक्चरर कॉलोनी में उसका घर, डोंडगापुर गांव का एक घर और रिश्तेदारों से जुड़ी जगहें शामिल हैं। जांचकर्ता परिवार के सदस्यों से उसके आने-जाने, संपर्कों और गतिविधियों के बारे में भी जानकारी जुटा रहे हैं। कन्नले को कथित केपीएससी भर्ती गड़बड़ियों में मुख्य आरोपी बताया गया है। जांच करने वाले अधिकारी उन दावों की जांच कर रहे हैं कि उसने सरकारी नौकरी दिलाने का वादा करके कई लोगों से पैसे लिए थे। वे यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या भर्ती की दूसरी प्रक्रियाओं में भी ऐसा ही कुछ हुआ था।

उन्होंने कहा कि अब जांच सिर्फ़ उस भर्ती मामले तक सीमित नहीं रही है, बल्कि कन्नले के बड़े वित्तीय, पेशेवर और राजनीतिक नेटवर्क तक फैल गई है। जांच अधिकारी अलग-अलग पार्टियों के नेताओं के साथ उसके कथित संबंधों, तुमकुरु यूनिवर्सिटी सिंडिकेट के साथ उसके जुड़ाव और जिस तरह से उसने संपत्ति जमा की और अपना कारोबार बढ़ाया, उन सभी की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कन्नले के कथित ट्रैवल बिज़नेस की भी जांच की जा रही है, जो बीदर को बेंगलुरु और पुणे से जोड़ने वाले मार्ग पर चलता है। यह उसके आने-जाने और संपर्कों के नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश का हिस्सा है।

जांच अधिकारी उन खबरों की भी जांच कर रहे हैं कि कन्नले की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं थीं और वह 2028 के चुनावों के लिए बाल्की विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट पाने में दिलचस्पी रखता था।

उन्होंने कहा कि इसलिए कन्नले की गिरफ़्तारी और उसके बाद उससे कथित तौर पर जुड़े लोगों को हिरासत में लेने से यह मामला परीक्षा में गड़बड़ी की जांच से बदलकर एक संगठित भर्ती रैकेट की संभावित बड़ी जांच में बदल गया है। सीआईडी की जांच जारी है और अधिकारी हर संदिग्ध की सटीक भूमिका का पता लगाने के लिए दस्तावेज़ी, तकनीकी और गवाहों से जुड़े सबूतों की जांच कर रहे हैं।

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