बेंगलुरु , नवंबर 02 -- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खरगे ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती में हुई गड़बड़ियों की जांच के पीछे राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए सोमवार को दावा किया कि एक केंद्रीय मंत्री, नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि वे उनके और उनके मंत्रिमंडल सहयोगियों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग (आईटी) को तैनात करें।
श्री खरगे ने तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि केपीएससी जांच का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं को निशाना बनाने के लिए एक राजनीतिक आड़ के तौर पर किया जा रहा है। साथ ही भर्ती गड़बड़ियों के मामले में आरोपी लोगों पर दबाव डाला जा रहा है कि वे कांग्रेस नेताओं को झूठे मामलों में फंसायें।
उन्होंने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "दिल्ली के सत्ता के गलियारों में चर्चा है कि एक केंद्रीय मंत्री, मोदी सरकार पर लगातार दबाव डाल रहे हैं कि केपीएससी जांच को राजनीतिक आड़ बनाकर मेरे और मेरे मंत्रिमंडल सहयोगियों के खिलाफ आईटी और ईडी का इस्तेमाल किया जाये।"उन्होंने आरोप लगाया कि वह केंद्रीय मंत्री केपीएससी मामले के आरोपियों पर ईडी के जरिए दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि उनसे ऐसे बयान लिए जा सकें जिनसे कांग्रेस नेताओं (जिसमें वे खुद भी शामिल हैं) को फंसाया जा सके। उन्होंने कहा , "खबर है कि आरएसएस का नया 'ग्रुप डी' भर्ती सदस्य भी ईडी का इस्तेमाल करके सभी आरोपियों पर दबाव डाल रहा है, ताकि वे केपीएससी भर्ती मामले में कांग्रेस नेताओं और मुझे झूठे तरीके से फंसा सकें।"उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री दूसरों को इस विवाद में घसीटकर खुद को बचाने की कोशिश कर रहे हैं और ऐसा लगता है कि वे अकेले इसके नतीजे भुगतने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, "ऐसा लगता है कि ये 'बेहद मेहनती' माननीय मंत्री अकेले नहीं डूबना चाहते। घबराहट में वे अपने गठबंधन सहयोगियों को भी अपने साथ नीचे खींचने पर आमादा हैं।"श्री खरगे के ये आरोप केपीएससी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच आये हैं, जिसने राज्य की इस भर्ती संस्था के कामकाज को फिर से सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है।
इस मामले के चलते कर्नाटक सरकार अब आयोग में ढांचागत बदलावों पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने पहले ही घोषणा की थी कि परीक्षाओं में होने वाली अनियमितताओं को रोकने और एक निष्पक्ष व पारदर्शी भर्ती प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए केपीएससी को एक "नया रूप" दिया जाएगा।
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