नयी दिल्ली , मई 28 -- केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय को उसके नासिक परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्नातक स्तर पर इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संकाय के तहत बी.टेक.आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस का चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रम संचालित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

विश्वविद्यालय की विज्ञप्ति के अनुसार यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मूल सिद्धांतों बहुविषयक शिक्षा, नवाचार, कौशल विकास और मूल्य-आधारित शिक्षा के पूर्णतः अनुकूल है। इसका उद्देश्य संस्कृत साहित्य, दर्शन और व्याकरण में सुरक्षित ज्ञान के विशाल भंडार को इक्कीसवीं सदी की आधुनिक तकनीकों के साथ संबद्ध करके अंतः विषय शिक्षण और अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

इस पाठ्यक्रम की रूपरेखा विश्वविद्यालय के पूर्व शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. मदन मोहन झा तथा सह-शैक्षणिक अधिष्ठाता प्रो. नारायण आर. एल. सिम्हा नासिक परिसर निदेशक प्रो. नीलाभ तिवारी के कुशल निर्देशन एवं शैक्षणिक मार्गदर्शन में तैयार की गयी है। इसके माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग संगणकीय भाषा विज्ञान लिंगुइसटिक्स, प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण छात्र निम्नलिखित अत्याधुनिक क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करेंगे।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो श्रीनिवास वरखेड़ी ने संस्कृत वांग्मय से एआई कोडिंग तक इस युगांतरकारी उपलब्धि पर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संपूर्ण विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नये तकनीकी पाठ्यक्रम की स्वीकृति नहीं है, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के अभूतपूर्व समन्वय की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

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