लखनऊ , जनवरी 23 -- किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) प्रशासन ने माइक्रोबायोलॉजी विभाग भवन-2 के पीछे परिसर की भूमि पर कथित रूप से बनाए गए अवैध मजार/निर्माण को तत्काल हटाने के संबंध में कानूनी नोटिस/सूचना जारी की है।
केजीएमयू के नोडल अधिकारी भूमि अतिक्रमण प्रो. केके सिंह के स्तर से जारी नोटिस में कहा गया है कि केजीएमयू एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक एवं चिकित्सीय संस्थान है। जिसकी भूमि का उपयोग केवल शैक्षणिक, चिकित्सीय और प्रशासनिक कार्यों के लिए किया जाना विधिसम्मत है। विश्वविद्यालय की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अथवा निर्माण न केवल नियम विरुद्ध है, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति पर अतिक्रमण की श्रेणी में आता है।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस अवैध मजार/निर्माण के कारण परिसर में अनावश्यक भीड़, आवागमन में बाधा, शांति व्यवस्था में खतरा, तथा स्वच्छता व सुरक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इससे मरीजों, महिला कर्मचारियों, रेजिडेंट डॉक्टरों और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। प्रशासन ने इसे विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने वाला विषय बताया है।
नोटिस के माध्यम से संबंधित व्यक्ति/समूह को 15 दिनों के भीतर स्वयं अपने खर्च पर निर्माण/अतिक्रमण हटाकर विश्वविद्यालय की भूमि को पूर्व स्थिति में लाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयसीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो विश्वविद्यालय प्रशासन प्रशासनिक व विधिक कार्रवाई करेगा। ऐसी स्थिति में बलपूर्वक हटाने, ध्वस्तीकरण, पुलिस बल व अन्य खर्च सहित संपूर्ण राशि संबंधित पक्ष से वसूल की जाएगी और इसके लिए वही जिम्मेदार होगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित