अमृतसर , अगस्त 07 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रवक्ता प्रो. सरचंद सिंह ख्याला ने संसद भवन में शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच हुई मुलाकात पर आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की टिप्पणी को उनकी 'राजनीतिक घबराहट' का प्रमाण बताया है।
श्री ख्याला ने शुक्रवार को कहा कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री का विभिन्न राज्यों और राजनीतिक दलों के नेताओं से मिलना सामान्य और स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा है। उन्होंने कहा कि ऐसी मुलाकातों को सोशल मीडिया पर तंज और राजनीतिक अटकलों तक सीमित करना राजनीतिक गंभीरता की कमी को दर्शाता है।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि मुलाकात के दौरान पंजाब के किसानों, सीमा सुरक्षा, नशे की समस्या, उद्योग, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी), जल विवाद अथवा राज्य के विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई है तो यह पंजाब के हित में सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि केवल एक बैठक के आधार पर राजनीतिक अटकलें लगाना जनता को भ्रमित करने के समान है।
श्री ख्याला ने कहा कि भाजपा के लिए पंजाब का हित सर्वोपरि है और पार्टी 2027 के विधानसभा चुनावों को लेकर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फैसलों की घोषणा उचित समय पर आधिकारिक रूप से की जाएगी और फिलहाल की जा रही अटकलें वास्तविक जन मुद्दों से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं।
पंजाब भाजपा प्रवक्ता ने श्री केजरीवाल से पंजाब में आप सरकार की तथाकथित 'शिक्षा क्रांति' पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार राज्य के सरकारी स्कूलों में 31,370 शिक्षकों के पद रिक्त हैं, जबकि सरकारी कॉलेजों में 2,424 पद खाली पड़े हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन में करीब छह लाख की कमी आयी है।
श्री ख्याला ने सवाल किया कि यदि पंजाब में वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति हुई है, तो शिक्षकों के इतने पद रिक्त क्यों हैं और सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या क्यों घट रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा सुधार, नशामुक्त पंजाब और ईमानदार राजनीति के वादे के साथ सत्ता में आई आप सरकार अपनी कथित विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए सोशल मीडिया की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता को राजनीतिक तंज के बजाय शिक्षा, कानून-व्यवस्था, नशे और प्रशासनिक जवाबदेही पर ठोस जवाब चाहिए।
श्री ख्याला ने केजरीवाल की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपनी पार्टी से जुड़े भ्रष्टाचार के आरोपों और अपने सहयोगियों से संबंधित मामलों पर जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा की राजनीति सोशल मीडिया पर बयानबाजी के बजाय विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित के मुद्दों पर केंद्रित है। पंजाब की जनता अब नारों और प्रचार से आगे बढ़कर सरकारों से परिणाम और जवाबदेही चाहती है।
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