तिरुवनंतपुरम , अक्टूबर 17 -- केरलम के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) के पास 30,000 करोड़ रुपये होने के दावे और इस वर्ष 31 मार्च तक दर्ज 6,521 करोड़ रुपये के निवेश के बीच दिख रहे अंतर को लेकर विपक्ष के नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन तथा पूर्व वित्त मंत्री के एन बालगोपाल से जवाब मांगा है।

मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पूर्व वित्त मंत्री थॉमस इसाक का बताया आंकड़ा केआईआईएफबी के ऑडिट रिकॉर्ड में मौजूद आंकड़ों से इतना अलग कैसे हो सकता है। उन्होंने यह भी बताया किया कि बुनियादी ढांचा विकास एजेंसी पर लगभग 32,000 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां हैं।

केआईआईएफबी की समीक्षा पर एक समिति की रिपोर्ट सामने आने के बाद यह विवाद शुरू हुआ। रिपोर्ट आने के बाद श्री इसाक ने एक पत्रकार वार्ता में दावा किया था कि बोर्ड के पास नकद और निवेश के रूप में 30,000 करोड़ रुपये मौजूद हैं। उन्होंने यह आरोप भी लगाया था कि मौजूदा सरकार की नजर इस पैसे पर है।

वहीं श्री सतीशन के दिए आंकड़ों के अनुसार, वेबसाइट पर उपलब्ध केआईआईएफबी के ऑडिट रिकॉर्ड इस वर्ष 31 मार्च तक कुल 10,633 करोड़ रुपये का शेष दिखाते हैं। इसमें से 4,128 करोड़ रुपये सरकार का अपना कोषागार निधि है, जिससे केवल 6,521 करोड़ रुपये का निवेश ही बचता है।

इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने श्री इसाक के दावे और रिकॉर्ड में दर्ज निवेश के आंकड़ों के बीच लगभग 23,000 करोड़ रुपये के अंतर पर स्पष्टीकरण मांगा है।

श्री सतीशन ने पिछली सरकार के दौरान केआईआईएफबी के अध्यक्ष रहे श्री विजयन और पूर्व वित्त मंत्री बालगोपाल से बोर्ड की वित्तीय स्थिति साफ करने और इस अंतर का हिसाब देने को कहा है।

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