नयी दिल्ली, अक्टूबर 14 -- केंद्र सरकार ने दक्षिण हिंद महासागर मत्स्यपालन समझौते (सिओफा) में भारत के शामिल होने को मंजूरी दे दी है।

यहां जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया है कि यह एक ऐसा रणनीतिक कदम है जो वैश्विक मत्स्यपालन प्रशासन में भारत की स्थिति को मजबूत करता है। दिसंबर 2025 में जारी 'हाई सीज फिशरीज गाइडलाइन्स' के बाद, यह पहल अंतर्राष्ट्रीय जलक्षेत्र में भारतीय मत्स्यपालन बेड़े के विस्तार के लिए एक क्षेत्रीय ढांचा प्रदान करेगी।

इसके परिणामस्वरूप, भारत अपने रणनीतिक हितों की रक्षा करने, आर्थिक अवसरों का विस्तार करने और सिओफा ढांचे के तहत उच्च मूल्य वाले समुद्री संसाधनों के सतत दोहन के लिए वैध अधिकार स्थापित करने की स्थिति में होगा। इसके अलावा, यह खुले समुद्र में भारत की मान्यता प्राप्त मौजूदगी को स्थापित करता है और राष्ट्रीय आर्थिक, वैज्ञानिक और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुरूप भारत की 'ब्लू इकोनॉमी' को आगे बढ़ाता है।

सिओफा में शामिल होने के साथ ही, भारतीय ध्वज वाले मछली पकड़ने वाले पोत और उद्यम इसके अधिकार क्षेत्र में स्क्वीड, टूथफिश, अल्फोंसिनो और अन्य गैर-प्रवासी मछली स्टॉक का अधिकृत शिकार कर सकेंगे।

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