चंडीगढ़ , फरवरी 1 -- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026 में पंजाब के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी और लॉजिस्टिक्स सहायता दी गई है, जबकि राज्य सरकार द्वारा उठाई गई कई प्रमुख वित्तीय मांगों को नजरंदाज कर दिया गया है।
बजट लुधियाना और जालंधर में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के लिए वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ने का रास्ता खोलता है, लेकिन वहीं इसमें पंजाब की 12,905 करोड़ रुपये के बाढ़ राहत पैकेज या लंबित ग्रामीण विकास निधि (आरडीएफ) की तत्काल निकासी पर कोई बात नहीं की गई है।
गौरतलब है कि बजट से पहले पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने 2025 की विनाशकारी बाढ़ से उबरने के लिए एक 'विशेष आर्थिक पैकेज' की मांग करते हुए एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा था, जिससे 2,300 से अधिक गांव प्रभावित हुए थे।
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