नई दिल्ली , अक्टूबर 17 -- सरकार ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्रों (आईएफएससी) में संचालित निवेश कोषों के लिए कार्यालय स्थान और लीज संबंधी दस्तावेजों की प्रक्रिया को सरल बना दिया है और पात्र विमान और जहाज लीजिंग इकाइयों को कार्यालय का बुनियादी ढांचा और कर्मचारियों को साझा करने की अनुमति दी गई है।
इसके अलावा, इकाइयों की मंजूरी के नवीनीकरण के लिए विशिष्ट मानदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की और से विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) नियमावली, 2006 में आवश्यक संशोधनों की अधिसूचना जारी कर दी गयी है।
इन संशोधनों के तहत आईएफएससीए द्वारा किसी व्यावसायिक इकाई प्रदान की गई पहली अंतिम नियामकीय मंजूरी की तारीख को उसकी सेवा गतिविधि प्रारंभ होने की तिथि माना जाएगा और यह नियम बाद में स्वीकृति की वैधता समाप्त हो जाने पर भी लागू माना जाएगा।
वाणिज्य विभाग ने विशेष आर्थिक क्षेत्र अधिनियम, 2005 की धारा 55 के तहत शुक्रवार को अधिसूचना संख्या जीएसआर 895(ई) के माध्यम से विशेष आर्थिक क्षेत्र (चौथा संशोधन) नियम, 2026 अधिसूचित किए हैं। संशोधित नियम राजपत्र में अधिसूचना जारी होने के साथ प्रभावी हो गये हैं।
संशोधित नियम 18(2) के तहत, यदि एसईजेड डेवलपर कंपनी किसी कोष प्रबंधन इकाई (एमएमई) को कार्यालय की जगह देने का अस्थायी प्रस्ताव लिखित रूप में देती है, तो उसे आईएफएससी में उसके के लिए कार्यालय स्थल का दिये जाने का अस्थायी प्रस्ताव माना जाएगा। पट्टे के मान्यता के बारे में भी इसी तरह का नियम हो गया है। इससे निर्धारित परिस्थितियों में कार्यालय स्थान से संबंधित अलग-अलग दस्तावेज तैयार करने की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।
सरकार ने संशोधित नियम 19(4) के तहत सेवा गतिविधियों की शुरुआत को लेकर भी स्पष्टता प्रदान की है। संशोधित नियमों के तहत आईएफएससी इकाई के मामले में आईएफएससीए द्वारा प्रदान की गई पहली अंतिम मान्यता, पंजीकरण, लाइसेंस या प्राधिकरण को सेवा गतिविधियों की शुरुआत माना जाएगा। इसकी मंजूरी मिलने की तारीख ही गतिविधियों के प्रारंभ की तारीख होगी।
इस तरहे के लाइसेंस या प्राधिकरण की वैधता बाद में समाप्त हो जाती है, तो भी सेवा गतिविधियों की शुरुआत की तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा।
सरकार ने नियम 19(6बी) में संशोधन करते हुए आईएफएससी इकाइयों के लिए मंजूरी पत्र के नवीनीकरण को आईएफएससीए की सिफारिशों के आधार पर तय करने का प्रावधान किया है। नवीनीकरण के निर्णय में तीन प्रमुख मानदंडों -रोजगार के अवसर, कानून की अनुपालना तथा वैधानिक भुगतानों में चूक आदि की स्थिति को देखा जाएगा।
संशोधित नियम 21बी के तहत आईएफएससी में विमान और जहाज लीजिंग कारोबार करने के लिए अधिकृत मौजूदा इकाई अथवा ऐसी इकाई स्थापित करने का इच्छुक व्यक्ति, आईएफएससीए की अनुमति से अलग कार्यालय बनाए बिना भी काम कर सकेगा। इकाई प्राधिकरण की मंजूरी ले कर उसी तरह की सेवाएं देने वाली किसी अन्य अधिकृत इकाई के कार्यालय स्थान, कर्मचारियों या दोनों का उपयोग कर सकती है।
संशोधित नियम में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ट्रस्ट एवं कंपनी सेवा प्रदाता के साथ कार्यालय या कर्मचारियों को साझा करने की व्यवस्था तभी स्वीकार्य होगी, जब वह संबंधित अनुमति प्राप्त करने वाली इकाई को सेवाएं प्रदान कर रहा हो या प्रदान करने का इरादा रखता हो।
इसके स्थान पर, जिस इकाई का कार्यालय साझा किया जा रहा है, उसके कार्यालय स्थान का अस्थायी प्रस्ताव और लीज डीड ही नियम 18 के उद्देश्यों के लिए पर्याप्त होंगे। आईएफएससी में स्थापित फंडों को विशेष छूटसरकार ने नियम 22(3) में एक ऐसा प्रावधान भी किया है जिसके अनुसार, इस उपनियम के प्रावधान आईएफएससी में स्थापित फंडों पर लागू नहीं होंगे।
इन बदलावों का उद्देश्य आईएफएससी में संचालित फंडों और लीजिंग कारोबार के लिए स्थापना तथा परिचालन संबंधी निर्धारित आवश्यकताओं को सरल बनाना है। हालांकि, व्यवस्थाओं को मंजूरी देने और इकाइयों की मंजूरी के नवीनीकरण की सिफारिश करने में आईएफएससीए की भूमिका बरकरार रहेगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित