चंडीगढ़ , नवंबर 18 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार केंद्र की ओर से मिलने वाली वित्त आयोग की ग्रांट को अपनी उपलब्धि बताकर पंचायतों को गलत तरीके से प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

श्री शर्मा ने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा 332 करोड़ रुपये की 'ऐतिहासिक ग्रांट' जारी करने की घोषणा जनता को गुमराह करने वाला दावा है, जबकि यह पूरी राशि केंद्र सरकार के 15वें वित्त आयोग की किश्त है, जो तय प्रक्रिया अनुसार पंचायतों को मिलती है। उन्होंने कहा कि वित्त आयोग की ग्रांट केंद्र द्वारा सामान्य प्रक्रिया के तहत जारी होती है, जिसमें न पंजाब सरकार की इजाज़त चाहिए, न इच्छा और न ही कोई रोकटोक। यह ग्रांट गांवों की आबादी और निर्धारित फॉर्मूले के अनुसार हर पंचायत तक पहुंचती है और राज्य सरकार इसमें किसी भी तरह का भेदभाव करने की हकदार नहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र से आने वाली ग्रांट को राज्य सरकार अपनी बताकर पंचायतों में झूठा श्रेय लेने की कोशिश कर रही है।

श्री शर्मा द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार वित्त आयोग की यह किस्त पंजाब के अलग-अलग जिलों की जिला परिषदों को जारी की जा चुकी है, जिनमें अमृतसर 10.64 करोड़, बरनाला 3.75 करोड़, बठिंडा 7.74 करोड़, फरीदकोट 3.70 करोड़, फतेहगढ़ साहिब 3.64 करोड़, फाज़िल्का 17.57 करोड़, फिरोज़पुर 15.77 करोड़, गुरदासपुर 27.63 करोड़, होशियारपुर 28.52 करोड़, जालंधर 23.23 करोड़ रुपये शामिल है। उन्होंने बताया कि अन्य जिलों को भी इसी प्रकार राशि जारी की गयी है।

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