पटना , जून 17 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पटना के नौबतपुर में 'खेत बचाओ अभियान' के तहत आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बिहार में कृषि अवसंरचना विकसित करने के लिए सौगातों की घोषणा के बाद कहा कि केंद्र और बिहार सरकार के समन्वित प्रयासों से राज्य में कृषि क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई गति मिल रही है।
श्री चौहान ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि विभाग के लिए 2525.43 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जबकि केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत बिहार को 1366.29 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
केंद्रीय मंत्री श्री चौहान की उपस्थिति में नौबतपुर स्थित बीज गुणन प्रक्षेत्र में इस कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल के अलावा विभाग के अधिकारियों और पटना से आए सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया।
श्री चौहान ने बताया कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं कृषोन्नति योजना के तहत दलहन, तेलहन, मक्का, मिलेट्स एवं जूट के क्षेत्र विस्तार के साथ-साथ कृषि अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए अनेक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इसके अंतर्गत 304 भंडारण गोदामों, 800 पक्का थ्रेसिंग फ्लोर, 11 दाल मिल, 102 तेल प्रसंस्करण इकाइयों तथा 204 कोल्ड प्रेस तेल इकाइयों की स्थापना की जाएगी।
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने हेतु 246 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिसके तहत 267 फार्म मशीनरी बैंक, 480 किसान ड्रोन तथा 200 फसल अवशेष प्रबंधन कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किए जाएंगे। किसानों को 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान पर आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती और जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए 65 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। राज्य में फार्मर रजिस्ट्री और डिजिटल कृषि कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 53.90 लाख किसानों का फार्मर आईडी बनाया जा चुका है।
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