देहरादून , जुलाई 03 -- केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) संगठन के उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय), देहरादून कार्यालय ने भुगतान उपदान (ग्रेच्युटी) अधिनियम, 1972 के तहत विशेष कैंप बैठक आयोजित कर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित ग्रेच्युटी मामलों का शुक्रवार को त्वरित निस्तारण किया।
आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार अपीलीय प्राधिकारी ने 46 अपीलों का कर्मचारियों के पक्ष में निस्तारण किया, जिससे उन्हें लगभग 40 लाख रुपये के वैधानिक ग्रेच्युटी लाभ का तत्काल लाभ मिला।
बैठक के दौरान एम/एस प्रिंसिपल सिक्योरिटी एंड एलाइड सर्विसेज के प्रतिनिधियों को भुगतान उपदान अधिनियम, 1972 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अपीलीय प्राधिकारी ने समय पर ग्रेच्युटी भुगतान, वैधानिक अभिलेखों के समुचित रखरखाव तथा कर्मचारियों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के महत्व पर बल दिया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि ठेकेदार ने सभी पात्र कर्मचारियों के दावों के समयबद्ध निस्तारण तथा अधिनियम के पूर्ण अनुपालन के लिए तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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