भोपाल , जून 13 -- राष्ट्रीय छात्र संघ (एनएसयूआई) के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार सहित कई कार्यकर्ताओं को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के विरोध के लिए जाते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। कार्यकर्ता कथित नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एनएसयूआई कार्यकर्ता प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से अटल भवन की ओर जा रहे थे। इस दौरान उनके हाथों में तख्तियां थीं और वे केंद्रीय शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने रवि परमार, जिला उपाध्यक्ष अमित हाटिया, रितिक शर्मा सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की झड़प भी हुई।

सूत्रों के अनुसार कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को उनके घरों तथा कार्यालयों से भी हिरासत में लिया गया। इनमें अभिषेक परमार, अभिनव बरोलिया, आशुतोष चौकसे, राहुल मंडलोई, विरेंद्र मिश्रा, रोहित राजोरिया, अमित खत्री, अक्षय तोमर, आदित्य सोनी, धनजी गिरी और अमन पठान सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं।

एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि नीट परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं और पेपर लीक प्रकरण से लाखों विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग कर रहे थे।

हिरासत में लिए जाने के बाद एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को कमजोर किया जा रहा है और युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होने तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।

कांग्रेस प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी ने कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की आलोचना करते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया। उन्होंने कहा कि छात्र और युवा अपने अधिकारों तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते रहेंगे।

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