जम्मू , अक्टूबर 03 -- रेल और जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से जल संरक्षण और पर्यावरण को बनाये रखने से जुड़े विभिन्न प्रयासों की समीक्षा की।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार समीक्षा बैठक के दौरान श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आलोक के. मौर्य ने मंत्री को उन उपायों के बारे में बताया जिन्हें बोर्ड मंदिर क्षेत्र और उसके आसपास जल संसाधनों को बचाने और पर्यावरण को बनाये रखने के लिए लागू कर रहा है।
श्री मौर्य ने मंत्री को बोर्ड की उन पहलों के बारे में बताया जिनका मकसद बारिश का पानी इकट्ठा करना और भूजल को फिर से भरना है, जिससे जल संसाधनों के संरक्षण में मदद मिलती है।
बोर्ड ने केंद्रीय मंत्री को तरल सीवेज (गंदे पानी) के ट्रीटमेंट के उपायों और इलाके में पर्यावरण संरक्षण में पेड़-पौधे लगाने (वनीकरण) की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी।
श्री सोमन्ना ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से पानी बचाने, गंदे पानी के प्रबंधन और पेड़-पौधे लगाने के लिए उठाये गये कदमों की तारीफ़ की। उन्होंने टिकाऊ पानी प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर ज़ोर दिया, खासकर उन इलाकों में जहाँ साल भर बड़ी संख्या में तीर्थयात्री आते हैं।
ब्रिफिंग के दौरान जिन पहलों पर रोशनी डाली गयी, उनमें छत पर बारिश का पानी इकट्ठा करना, ज़मीन के नीचे पानी का लेवल बढ़ाना (ग्राउंडवाटर रिचार्ज), सीवेज का ट्रीटमेंट और पेड़-पौधे लगाना शामिल था। ये उपाय श्राइन बोर्ड की उन कोशिशों का हिस्सा हैं जिनका मकसद इलाके के इकोलॉजिकल बैलेंस को बनाए रखते हुए पानी के साधनों का टिकाऊ इस्तेमाल और संरक्षण करना है।
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