बेंगलुरु , जुलाई 19 -- कर्नाटक में रविवार को एक नया राजनीतिक विवाद तब खड़ा हो गया जब कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एच.सी. बालकृष्ण ने विवादास्पद बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव करते हुए कथित रूप से केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के 'यजमान' शब्द का उपयोग किया। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी पर महिलाओं के प्रति नफ़रत का आरोप लगाया और उनसे माफ़ी की मांग की।

यह टिप्पणी श्री बालकृष्ण ने बेंगलुरु के पास प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना के बचाव में की। ज़मीन अधिग्रहण एवं पर्यावरण पर असर को लेकर भाजपा और जेडीएस इस परियोजना का विरोध कर रहे हैं। खबरों के अनुसार, श्री बालकृष्ण ने कहा कि यह परियोजना सुश्री करंदलाजे के यजमान (पति) ने शुरू किया था।

सुश्री करंदलाजे अविवाहित हैं और इस बयान को पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर परोक्ष टिप्पणी के रूप में देखा गया जिन्हें उनका राजनीतिक गुरु माना जाता है। भाजपा ने इस टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इसे महिला नेता के प्रति लैंगिक भेदभावपूर्ण, महिला-विरोधी और अपमानजनक करार दिया।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने आरोप लगाया कि टाउनशिप परियोजना की आलोचना का जवाब देने के बजाय कांग्रेस ने व्यक्तिगत हमला किया।

श्री पूनवाला ने कहा, "कर्नाटक में कांग्रेस पार्टी की ओर से महिलाओं के प्रति बेहद शर्मनाक और खुलेआम नफ़रत दिखाई गई है। जब भाजपा बिदादी टाउनशिप परियोजना का विरोध करती है, तो केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे के ख़िलाफ़ महिलाओं को नीचा दिखाने वाली टिप्पणियां की जाती हैं।"इस टिप्पणी को अनुचित, चौंकाने वाला और घिनौना बताते हुए, भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस नेतृत्व से इस बयान की निंदा करने की मांग की और वरिष्ठ नेताओं राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी वाड्रा की चुप्पी पर सवाल उठाए।

श्री पूनावाला ने कांग्रेस के "लड़की हूं, लड़ सकती हूं" अभियान का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि पार्टी के काम महिलाओं के सशक्तिकरण पर उसके सार्वजनिक रुख़ के उलट हैं।

भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाया कि वह रियल एस्टेट लॉबी को फ़ायदा पहुंचाने के लिए बिदादी टाउनशिप परियोजना के लिए किसानों की ज़मीन हासिल करने की कोशिश कर रही है जबकि कांग्रेस का कहना है कि इस परियोनजा का उद्देश्य सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना है।

कर्नाटक में प्रस्तावित टाउनशिप एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है तथा भाजपा औप जेडीएस ज़मीन अधिग्रहण एवं पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं के कारण इसका विरोध कर रही है।

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