रायपुर , जनवरी 31 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने केंद्र सरकार से आगामी केंद्रीय बजट में राज्य की लंबित विकास योजनाओं के लिए बजटीय प्रावधान करने और नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के लिए विशेष पैकेज घोषित करने की मांग की है। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने यह मांग करते हुए कहा कि पिछले कई वर्षों से राज्य की घोषित परियोजनाओं पर काम नहीं हुआ है।

श्री बैज ने शनिवार की शाम बताया कि भाजपा सरकार ने 2022 के बजट में रायपुर-राजनांदगांव-हैदराबाद हाईवे की घोषणा की थी, लेकिन अभी तक उसका सर्वे भी नहीं हो पाया है। नया रायपुर में एम्स के लिए राज्य सरकार ने 2022 में जमीन अधिग्रहित कर केंद्र को सौंपी थी, परंतु इसके लिए अभी तक कोई धनराशि जारी नहीं हुई है। उन्होंने रायपुर-बलौदाबाजार-सारंगढ़-उड़ीसा रेल लाइन, बिलासपुर में वैगन निर्माण कारखाना तथा जगदलपुर, बिलासपुर एवं अंबिकापुर हवाई अड्डों के विस्तार को बजट में प्रमुखता से शामिल करने की बात कही।

पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि छत्तीसगढ़ रेलवे को मालभाड़े के माध्यम से प्रतिवर्ष 24,000 करोड़ रुपये से अधिक की आय देने वाला अग्रणी राज्य है, लेकिन पिछले 12 वर्षों से यहां रेल सुविधाओं की उपेक्षा हो रही है। यात्री सुविधाओं का विस्तार, नई ट्रेनों का परिचालन और रिक्त पदों पर भर्ती की मांग उन्होंने दोहराई।

श्री बैज ने एनएमडीसी, एसईसीएल और सीआईएल जैसी कंपनियों के कार्यालयों का राज्य में विस्तार, अंधाधुंध निजीकरण पर रोक, सार्वजनिक उपक्रमों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता, अंतरराज्यीय जल बंटवारे में छत्तीसगढ़ के हितों की रक्षा, सिंचाई परियोजनाओं में समावेश तथा जर्जर राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत के लिए बजट में प्रावधान करने का आग्रह किया।

नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र के संदर्भ में बैज ने कहा कि हिंसा से पीड़ित परिवारों और समर्पण करने वाले नक्सलियों का पुनर्वास ठीक से नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केंद्रीय बलों की तैनाती का पूरा खर्च राज्य से वसूल रही है, जिससे विकास कार्य अवरुद्ध हैं। उन्होंने बजट में बस्तर के विकास और पुनर्वास के लिए एक विशेष पैकेज की घोषणा की मांग की।

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