पटना , फरवरी 01 -- बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी ने रविवार को कहा कि केंद्रीय आम बजट विकसित भारत 2047 की दिशा में एक मजबूत, दूरदर्शी और जनहितकारी कदम है।
श्री चौधरी ने आज बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश आज विकसित भारत की यात्रा का साक्षी बन रहा है। उन्होंने कहा कि यह बजट तीन मुख्य कर्तव्यों पर आधारित है। पहला, आर्थिक विकास को बढ़ाना और उसे निरंतर बनाए रखना। दूसरा, जनता की उम्मीदों को पूरा करते हुए उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना। और तीसरा, सबका साथ-सबका विकास के सिद्धांत के तहत सभी को समान अवसर उपलब्ध कराना।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट 2026-27 जन-कल्याणकारी, सर्वस्पर्शी और विकसित भारत के संकल्प को सशक्त करने वाला दूरदर्शी बजट है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकास, कृषि, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित देश के समग्र विकास को समर्पित है तथा विशेष रूप से देश की युवा शक्ति को सशक्त बनाने पर केंद्रित है।
श्री चौधरी ने बताया कि बजट में पटना और वाराणसी में आंतरिक जलमार्गों के लिए शिप रिपेयर सेंटर बनाए जाने की घोषणा की गई है। इससे नदी मार्ग परिवहन को मजबूती मिलेगी और दोनों शहर वाटरवेज हब के रूप में विकसित होंगे। इसका सीधा लाभ बिहार की अर्थव्यवस्था को मिलेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।उन्होंने कहा कि देश में विकास और समृद्धि को गति देने के लिए कई नई रणनीतिक परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। रेयर अर्थ कॉरिडोर के तहत केरल, तमिलनाडु, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। वहीं पश्चिम बंगाल के डानकुनी में नए फ्रेट कॉरिडोर तथा पूर्वोत्तर के पांच राज्यों में बौद्ध सर्किट के निर्माण की घोषणा की गई है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल क्लस्टर, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल, नेशनल फाइबर स्कीम, एमएसएमई के लिए सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड और इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट जैसी योजनाएं अर्थव्यवस्था को नई गति देंगी।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बजट में बायोफार्मा क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये की "बायोफार्मा शक्ति" योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत तीन नए संस्थान स्थापित होंगे और भारत को मेडिकल टूरिज्म का हब बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। सेवा क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए शिक्षा, रोजगार और उद्यम को जोड़कर निर्यात और विकास की संभावनाओं को बढ़ाने का रोडमैप प्रस्तुत किया गया है।उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जबकि शहरी आर्थिक विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है। इसके साथ ही हाइब्रिड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई है, जिसमें कई राज्यों के साथ बिहार भी शामिल है। बनारस से सिलीगुड़ी के बीच सात हाइब्रिड रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें से एक बिहार से होकर गुजरेगा।स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बजट में बड़ी घोषणाएं की गई हैं। सभी जिला मुख्यालय अस्पतालों में ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू की स्थापना की जाएगी। तीन नए आयुर्वेदिक संस्थान बनाए जाएंगे तथा मानसिक स्वास्थ्य और ट्रॉमा केयर को मजबूत करने के लिए रांची और तेजपुर में विशेष संस्थानों की स्थापना होगी।
श्री चौधरी ने कहा कि पशुपालन, ग्रीन इकोनॉमी, शिक्षा क्षेत्र में लॉजिस्टिक कॉरिडोर, बड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पांच नए विश्वविद्यालय, पर्यटन क्षेत्र में 10,000 गाइडों का प्रशिक्षण और कृषि क्षेत्र में उच्च एवं उचित मूल्य वाली फसलों को समर्थन देने जैसे प्रावधान बजट को और मजबूत बनाते हैं। खनिज कॉरिडोर के निर्माण का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कर सुधारों के तहत आय कर , वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी), प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क में राहत दी गई है। शुगर और कैंसर की दवाइयों के साथ-साथ खेलकूद के सामान, बायोगैस मिक्स सीएनजी, सोलर पैनल, मोबाइल फोन और ईवी बैटरियों के सस्ते होने से आम जनता को सीधा लाभ मिलेगा। 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों का भी बजट में समुचित ध्यान रखा गया है।
उपमुख्यमंत्री ने केन्द्रीय बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और उनकी पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं धन्यवाद दिया है।
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