पटना , सितंबर 09 -- बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार छोटे एवं सीमांत किसानों तक आधुनिक कृषि यंत्रों की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और ऐसे में कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार किराये पर आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग कर सकेंगे।
कृषि मंत्री ने कहा कि इससे खेती की लागत और समय दोनों में कमी आएगी तथा कृषि उत्पादकता और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
श्री सिन्हा ने बताया कि बिहार में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग ने ''सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (2025-26)'' योजना के तहत अनुदान पर कस्टम हायरिंग सेंटर, फार्म मशीनरी बैंक और स्पेशल कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिए आठ सितंबर से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किये हैं। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ जीविका समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन से संबद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप, नाबार्ड अथवा राष्ट्रीयकृत बैंकों से संबद्ध किसान क्लब, किसान उत्पादक संगठन, किसान उत्पादक कंपनी, स्वयं सहायता समूह तथा पैक्स आदि ले सकेंगे। इच्छुक आवेदक कृषि यंत्रीकरण विभाग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। चयनित लाभार्थियों के लिए लॉटरी की वैधता 15 दिनों की होगी। अनुदान की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
श्री सिन्हा ने कहा कि योजना के तहत राज्य में 267 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किये जाएंगे। प्रत्येक केंद्र की परियोजना लागत अधिकतम 10 लाख रुपये होगी, जिस पर लागत का 40 प्रतिशत अथवा अधिकतम चार लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा।
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