चेन्नई , अगस्त 02 -- तमिलनाडु के कृषि मंत्री आर विनोद विधानसभा में छह अगस्त को पेश होने वाले कृषि बजट का मसौदा लेकर तिरुपति के तिरुमाला मंदिर में दर्शन करने पहुँच गए, जिस पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।
मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामपंथी दलों के साथ-साथ विपक्षी दल द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अखिल भारतीय द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे संविधान और पद की गोपनीयता की शपथ का उल्लंघन बताया है।
सत्ता में आने के तीन महीने बाद टीवीके सरकार पांच अगस्त से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में साल 2026-27 के लिए अपना पहला पूर्ण आम बजट पेश करने जा रही है। इसके अगले दिन यानी छह अगस्त को कृषि बजट पेश होना है।
सदन में बजट रखने से पहले श्री विनोद शनिवार को भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लेने तिरुमाला मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बजट की मसौदा कॉपी अपने हाथों में ले रखी थी।
तमिलनाडु के इतिहास में इस तरह की यह पहली घटना है। टीवीके सरकार को समर्थन दे रहे वामपंथी नेताओं ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए इसे धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों और संवैधानिक नियमों का उल्लंघन बताया। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के राज्य सचिव एम वीरपांडियन ने कहा कि कृषि बजट का मसौदा एक आधिकारिक सरकारी दस्तावेज है और इसका इस्तेमाल किसी धार्मिक अनुष्ठान के लिए बिल्कुल नहीं होना चाहिए था।
श्री वीरपांडियन ने याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहाँ धर्म और व्यक्तिगत आस्था को सरकार के कामकाज से अलग रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर में बजट की प्रति ले जाना संवैधानिक मर्यादाओं के खिलाफ है। मंत्री का यह तर्क मानने योग्य नहीं है कि उन्होंने किसानों की भलाई और खेती के लिए प्रार्थना की थी। उन्होंने टीवीके सरकार को सरकारी कामकाज में धर्मनिरपेक्षता कायम रखने की सलाह दी।
दूसरी ओर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के सांसद सु. वेंकटेशन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि बजट दस्तावेज़ संवैधानिक कागजात होते हैं। इनमें यह हिसाब-किताब होता है कि जनता के कर का पैसा कैसे खर्च हुआ है और आगे कैसे खर्च होगा। ये दस्तावेज 'भगवान को चढ़ाया जाने वाला प्रसाद' नहीं हैं।
मुख्य विपक्षी पार्टी द्रमुक ने मांग की है कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या इस मामले में कानून या विधानसभा के नियमों का कोई उल्लंघन हुआ है।
मंत्री के इस कदम का विरोध करते हुए अन्नाद्रमुक के आईटी विंग ने सवाल उठाया कि बजट के मसौदे को तमिलनाडु से बाहर दूसरे राज्य ले जाकर मंदिर में पूजा के दौरान इस्तेमाल करने की क्या जरूरत थी। उनका कहना है कि इससे मंत्रियों की गोपनीयता की शपथ और विधानसभा के नियमों का उल्लंघन हुआ है। इसलिए मंत्री के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
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